ममता बनर्जी का आरोप

एर बार फिर से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इस बार कोविड-19 की स्थिति का आकलन करने गई केन्द्रीय टीमों के साथ सहयोग न करने के आरोपों के बाद केन्द्र सरकार पर पलटवार किया है.

केंद्र सरकार पर पलटवार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्य को जान बूझकर बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि बेबुनियाद खबरें प्रसारित की जा रही है कि पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस को लेकर कुछ ही लोगों की जांच की जा रही है. केंद्र ने कोरोना वायरस से निपटने की तैयारी को लेकर बंगाल को भाषण सुनाया लेकिन जांच के लिए समुचित किट नहीं दी.

राज्य मुख्य सचिव ने कहा

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार राज्य के मुख्य सचिव ने कहा कि बंगाल को जो 10 हजार रैपिट टेस्ट किट्स दी गईं थीं वे गड़बड़ थीं. रैपिट किट्स से 220 जांच की गई. सिर्फ समय की बर्बादी हुई. खबरों के मुताबिक पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान की तरफ से तीन तरह के कोविड-19 टेस्ट किट्स की सप्लाई की जाती है. जिसकी वर्तमान स्थिति ये है.

  1. आईसीएमआर की एडवाइजरी के अनुसार, रैपिट टेस्ट किट्स ठीक से काम नहीं कर पाने की वजह उसे वापस लिया जा रहा है.
  • NIECD के साथ 21 अप्रैल को हुई बातचीत के बाद BGI RT PCR किट्स वापस की जा रही हैं.
  • Antigen किट्स- इसकी बंगाल के अस्पतालों में सप्लाई ही नहीं की गई.

इसके बाद आईसीएमआर की सिफारिश पर कोविड-19 का टेस्ट करने के लिए पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के पास 0 किट है. हालांकि इससे पहले कोविड-19 टीम बंगाल भेजे जाने पर ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से पूछा था कि आखिर इस टीम को भेजे जाने का आधार क्या है.

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक ममता बनर्जी ने इस बारे में पीएम मोदी को खत भी लिखा था. ऐसे में ममता सरकार यह आरोप लगे कि वे दिल्ली से आई केन्द्रीय टीमों का सहयोग नहीं कर रही है. इसके बाद गृह मंत्रालय ने ममता सरकार पर केन्द्रीय दलों के साथ सहयोग न करने का आरोप लगाते हुए यह निर्देश दिया था कि केन्द्रीय टीम के साथ राज्य सरकार बाधा न खड़ी करें और पूरा सहयोग करें. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.