बारिकी से नजर

इन दिनों नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देशभर में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. देशभर में हो रहे प्रदर्शनों में ये कहीं शांतिपूर्ण रहे, तो कहीं इसने हिंसक रूप ले लिया. इसपर पीएम मोदी ने इन प्रदर्शनों को दुखद एवं निराशाजनक बताया और शांति की अपील की. वही इस मामले में अमेरिका के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह भारत में नागरिकता संशोधन कानून के मामले पर बारिकी से नजर रख रहा है. इसके साथ ही प्रदर्शन करने वालों से हिंसा से दूर रहने और प्रशासन से शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा और सम्मान करने की अपील की है.

हिंसा से दूर रहने की अपील

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कहा है कि ‘हम लोग नागरिकता संशोधन कानून के मामले पर बारिकी से नजर रख रहे हैं. हम प्रशासन से आग्रह करते हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकारों की रक्षा और सम्मान किया जाना चाहिए. हम प्रदर्शनकारियों से भी हिंसा से दूर रहने की अपील करते हैं’

लोकतंत्र के मूल सिद्धांत

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार अमेरिकी विदेश विभाग मंत्रालय ने कहा कि ‘धार्मिक स्वतंत्रता और समानता के अधिकार हमारे दोनों लोकतंत्र के मूल सिद्धांत हैं. अमेरिका ने भारत से आग्रह किया है कि अपने धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा की जाए’.

दिल्ली में बवाल

जामिया मिल्लिया इस्लामिया में पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े. हालांकि, पुलिस ने छात्रों पर गोलियां चलाने की बात से साफ इनकार किया है. सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई वीडियो वायरल हो रहे हैं. इस वीडियो में विश्वविद्यालय के बाथरूम में घायल छात्र, और लहुलुहान हालत में छात्र दिखाई दे रहे हैं. दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ने झड़पों के दौरान किसी के हताहत होने की खबरों से इनकार किया है.

पीएम मोदी ने बताया दुखद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन प्रदर्शनों को दुखद एवं निराशाजनक बताया और शांति की अपील की. जामिया के छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और नागरिकता कानून के खिलाफ गुस्से का असर उत्तर प्रदेश से लेकर केरल और महाराष्ट्र से लेकर पश्चिम बंगाल तक में देखा गया. जामिया के छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष एकजुट हो गया. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा