बुलंदशहर में साधुओं की हत्या

एक तरफ जहां महाराष्ट्र में साधुओं की हत्या का मामला शांत नहीं हुआ था तो दूसरी तरफ बुलंदशहर के अनूपशहर कोतवाली में मंदिर परिसर में सो रहे दो साधुओं की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई. इसे लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से फोन पर बात की.

सीएम उद्धव ठाकरे ने की बात

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या पर चिंता जाहिर की. जिसके बाद शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश में पुरोहितों की हत्या को महाराष्ट्र की पालघर घटना की तरह सांप्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए. सीएम उद्धव ने सीएम योगी से की बात राउत ने ट्वीट करके लिखा कि ‘बुलंदशहर के मंदिर में दो साधु-संतों की हत्या मामले में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने योगी आदित्यनाथ से फोन पर चर्चा की. उन्होंने साधुओं की हत्या को लेकर चिंता व्यक्त की. ऐसी अमानवीय घटना घटती है तब राजनीति न करके हमें एक साथ काम करते हुए अपराधियों को दंडित करवाना चाहिए’.

सीएम योगी से की बात

इससे पहले राउत ने घटना को लेकर कहा कि ‘भयानक! बुलंदशहर, यूपी के एक मंदिर में दो साधुओं की हत्या, लेकिन मैं सभी से अपील करता हूं कि वे इसे सांप्रदायिक न बनाएं, जिस तरह से कुछ लोगों ने पालघर मामले में करने की कोशिश की’.

इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पालघर की घटना को लेकर उद्धव ठाकरे से बातचीत के बाद ट्वीट में लिखा था कि ‘पालघर, महाराष्ट्र में हुई जूना अखाड़ा के संतों स्वामी कल्पवृक्ष गिरि जी, स्वामी सुशील गिरि जी व उनके ड्राइवर नीलेश तेलगड़े जी की हत्या के संबंध में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात की और घटना के जिम्मेदार तत्वों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हेतु आग्रह किया’. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुलंदशहर की घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं

अखिलेश यादव ने की कार्रवाई की मांग

वही अब इस मामले ने राजनीतिक मोड़ भी ले लिया. इस कड़ी में सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा ‘बुलंदशहर में मंदिर परिसर में दो साधुओं की नृशंस हत्या अति निंदनीय व दुखद है. इस प्रकार की हत्याओं का राजनीतिकरण न करके, इनके पीछे की हिंसक मनोवृत्ति के मूल कारण या आपराधिक कारण की गहरी तलाश करने की आवश्यकता होती है. इसी आधार पर समय रहते न्यायोचित कार्रवाई करनी चाहिए’. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.