केंद्रीय मंत्रिमंडल की अहम बैठक

मंगलवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई. बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. जिसकी जानकारी कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मीडिया को दी. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि NPR अपडेट करने को कैबिनेट की मंजूरी दी गई है. साथ ही उन्होंने बताया कि इसके लिए इस बार नई तकनीक का इस्तेमाल होगा.

NPR अपडेट को दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि भारत में ब्रिटिश जमाने से देश की जनसंख्या की जनगणना होती है. आजादी के बाद अब तक 7 बार जनगणना हो चुकी है, अब आठवीं बार होगी. इसमें सभी लोगों की गिनती मुद्दा होता है. आने वाले यानी 2020 के अप्रैल से सितंबर तक यह काम चलेगा. लाखों लोगों को इसमें शामिल किया जाएगा.

3941 करोड़ रुपये की मंजूरी

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि इस बार टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से इस प्रक्रिया को आसान बनाने का काम किया गया है. इसके लिए ऐप तैयार किया गया है. केंद्रीय मंत्री ने बताया कि एनपीआर पहली बार 2010 में यूपीए की सरकार में शुरू हुआ था. सारे लोगों का एक कार्ड मनमोहन जी ने वितरित किया था. 2015 में इसका अपडेशन हुआ था. इसमें कोई भी प्रूफ देने की जरूरत नहीं है. न कागज देना है न बॉयोमेट्रिक है. आप जो कहोगे वही सही है, क्योंकि हमें जनता पर भरोसा है. इसे सभी राज्यों ने स्वीकार किया है. सभी राज्यों ने इसके नोटिफिकेशन निकाले हैं. इसमें कुछ भी नया नहीं है. जो भी भारत में रहता है उसकी गणना इसमें होगी. कैबिनेट ने एनपीआर के लिए 3941 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है.

गिनाए फायदे

मीडिया को जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने NPR के फायदे भी गिनाए. उन्होंने कहा कि इससे तीन फायदे होंगे. आयुष्मान योजना जैसे सभी स्कीम के लिए सही पहचान करने में आसानी होगी. सही और सभी लाभार्थियों तक पैसा पहुंचेगा. उन्होंने बताया कि एनपीआर का एनआरसी से कोई संबंध नहीं है. इसे यूपीए सरकार ने शुरू किया था. यह अच्छा काम था जिसे हम जारी रख रहे हैं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा