हरियाणा के यमुनानगर क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. एक तीन साल के बच्चे की चाऊमीन खाने के बाद हालत इतनी खराब हो गयी कि डॉक्टर्स के भी पसीने छूट गये. बच्चे ने चाऊमीन  के साथ सॉस खायी थी जिसमें बहुत ही घातक एसिडिक एसिड मौजूद था. इतना ही नहीं ये सॉस उसके कपड़ों पर भी गिर गयी जिससे उसका शरीर भी झुलस गया. बच्चा पिछले 23 दिनों से वेंटिलेटर पर है और इस बीच तीन बार उसके हार्ट ने काम करना बंद कर दिया था. मामले के इस कदर बिगड़ने के बाद ये पता चला कि खतरनाक ऐसिडिक एसिड टेस्ट इंहैंसर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह इंसान के लिए बेहद खतरनाक है खासतौर पर ये बच्चों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है.

क्या है एसिडिक एसिड ?

एसिडिक एसिड एक तरह का एसिड है जिसे जीवाणु तैयार करते हैं. सिरके में इसकी मात्रा पायी जाती है. जीवाणुओं द्वारा सिरका बनाने की विधि बहुत पुरानी और सुरक्षित है लेकिन इसे तैयार होने में लम्बा समय लगता है इसलिए आजकल केमिकल के जरिये एसिडिक एसिड बनाया जाने लगा हैं जो कि इंसान के लिए तय सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता। सस्ता सिरका आजकल सॉस,मेयोनीज़,अचार, चाऊमीन यहाँ तक कि गोल गप्पे के पानी में भी मिलाया जाता है. ये खट्टेपन के लिए इस्तेमाल होता है लेकिन बेहद नुकसानदायक है.

एसिडिक एसिड के नुकसान –

यदि सुरक्षित और उचित तरीके से उपयोग न किया जाए तो एसिटिक एसिड एक खतरनाक केमिकल हो सकता है. सॉस जैसे लिक्विड फॉर्म में ये स्किन और आंखों को जला सकता है. खाने पर ये एसिड इंटरनल बॉडी पार्ट्स के लिए हानिकारक हो सकता है.

टीथ एनेमल के लिए ये बेहद हानिकारक है. दांतों का असली रंग या ऊपरी परत इससे प्रभावित हो सकती है.

खाने की नली से लेकर आँतों में जलन और जख्म का एक कारण ये एसिड हो सकता है.

हड्डियों को भी ये इसी तरह नुकसान देता है जैसे दाँतों को. कमजोर हड्डियाँ एसिडिक एसिड का एक बड़ा साइड इफ़ेक्ट है.

एसिडिक एसिड अगर ज्यादा मात्रा में लिया जाए तो ये ब्लड सर्कुलेशन और फेफड़ों को भी नुकसान देता है. ये इंटरनल ऑर्गन की बाहरी सरंचना को क्षति पहुँचाता है.ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.