बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर को उनके बेबाक बोलों के लिए जाना जाता हैं. खासतौर पर स्वरा देश की राजनीति पर काफी पकड़ रखती हैं. इसका कारण ये भी हो सकता है साल 2014 में राज्यसभा टीवी पर आने वाले हिस्टॉरिकल सीरियल संविधान की वो प्रेसेंटर रह चुकी है और वो सोशल स्टडीज में भी काफी रूचि रखती है. अपने इसी खासियत के चलते राजनीति की करेंट सिचुएशन पर स्वरा के बयान आते रहते हैं. अभी हाल ही में स्वरा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने साध्वी प्रज्ञा सिंह का एक वीडियो शेयर करते हुए उन पर कमेंट किया था. हालाँकि स्वरा के लिए ये कोई बड़ी और नयी बात हैं उनका ट्विटर अकाउंट केंद्र सरकार पर निशाना साधने वाली पोस्ट से भरा पड़ा है लेकिन इस बार उनको करारा जवाब दिया है पायल रोहतगी ने.

आपको बता दें की साध्वी प्रज्ञा फिलहाल देश भर में आलोचना का सामना कर रही है और इसका कारण बना है उनका वो बयान जिसमें उन्होंने वीरगति को प्राप्त हुए अफसर हेमंत करकरे पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था और कहा था की उन्हें मेरे श्राप की वजह से आतंकियों का कहर झेलना पड़ा. अब उनके इसी बयान की क्लिप को स्वरा ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर शेयर किया है. स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर लिखा है,’बहुत ही शर्मनाक! आप लोग देख सकते हैं कि यह भारतीय जनता पार्टी के लोग आतंकवाद की आरोपी के पीछे बैठकर ताली बजा रहे हैं. जबकि वो  देश के लिए वीरगति को प्राप्त हुए इंस्पेक्टर के बारे में झूठ बोल रही थी और उनका अपमान कर रही थी. भारतीय जनता पार्टी आपका जवाब नहीं. आपने देश भक्ति की क्या मिसाल पेश की है.’

अब स्वरा के इस कमेंट को देखने के बाद पायल रोहतगी ने लिखा है,’मैंने फिल्म कलंक में आर्म्स एक्ट में सजा काट चुके संजय दत्त के साथ आलिया भट्ट, माधुरी दीक्षित, सोनाक्षी सिन्हा, वरुण धवन, आदित्य राय कपूर जैसे कलाकारों को काम करते देखा. इतना ही नहीं राजकुमार हिरानी ने उनके जीवन पर एक फिल्म भी बनाई थी, जिसमें उनकी भूमिका रणबीर कपूर ने निभाई. इन लोगों के बारे में आपका क्या कहना है और इस बात का आपके पास क्या प्रूव है कि साध्वी प्रज्ञा सिंह झूठ बोल रही है.’ यानि पायल का कहना ये है कि जब जेल से रिहा हुए संजय दत्त का बहिष्कार बॉलीवुड ने नहीं किया तो जेल से रिहा हुई साध्वी प्रज्ञा से इतनी नफरत क्यों जताई जा रही है. साध्वी प्रज्ञा सिंह का कहना है कि अफसर हेमंत करकरे 2008 में हुए मालेगाँव बम ब्लास्ट के बारे में पूछताछ करने के बहाने उनके साथ अमानवीय व्यवहार कर रहे थे. आपको बता दें कि हेमंत करकरे 26/11 में हुए आतंकवादी हमले में शहीद हो गए थे. हालाँकि साध्वी प्रज्ञा सिंह ने अपने बयान के लिए खेद जताया है और उन्होंने कहा है कि वो बस अपने साथ घटी घटना के बारे में बता रहीं है और उनका मकसद किसी का अपमान करना नहीं था. कड़ी आलोचना का सामना करने के बाद साध्वी ने अपना बयान वापस ले लिया है. साध्वी प्रज्ञा इस बार भोपाल से लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी प्रत्याशी हैं और पार्टी का ये फैसला देश के एक बड़े तबके को नागवार गुज़रा है क्योंकि साध्वी प्रज्ञा का नाम भगवा आतंकवाद से जुड़ा हुआ है.