राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में तनातनी मची हुई है. ऐसे में शनिवार को कांग्रेस कार्यसमिति ने एक बार फिर से सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है. शनिवार को हुई बैठकों के बाद 1998 से 2017 तक पार्टी की कमान संभालने वाली सोनिया गांधी को अंतरिम अध्यक्ष चुना गया है. पार्टी के नए मुखिया के चुनाव तक वही पार्टी की कमान संभालने वाली हैं. इससे पहले सोनिया और राहुल गांधी पहले दौर की बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए थे. उनका कहना था कि वह अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं होना चाहते हैं. ताकि किसी की राय पर उनका प्रभाव ना पड़े. 

सोनिया गांधी ने भरी हां

शनिवार को हुई बैठक के बाद देर रात राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद ने बताया कि कार्यसमिति के पांच समूह की रिपोर्ट और नेताओं की राय में सोनिया गांधी का नाम ही अंतरिम अध्यक्ष के तौर पर सामने आया है. पहले तो उन्होंने इंकार कर दिया था. लेकिन वरिष्ठ नेताओं के बेहद आग्रह पर उन्होंने पार्टी की कमान संभालने के लिए हां भरी.

Bengaluru: Congress President Rahul Gandhi with his mother and UPA Chairperson Sonia Gandhi during the swearing-in ceremony of Karnataka Chief Minister H.D. Kumaraswamy as the 25th Chief Minister of Karnataka, at Vidhana Soudha in Bengaluru on May 23, 2018. (Photo: IANS)

बैठक में तीन प्रस्ताव हुए पास

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बताया है की बैठक में तीन प्रस्ताव पास किए गए हैं. पहला प्रस्ताव यह था कि राहुल गांधी ने पार्टी को शानदार नेतृत्व दिया उनसे अध्यक्ष पद पर बने रहने की गुजारिश की गई. लेकिन उन्होंने मना कर दिया. दूसरे प्रस्ताव के बारे में कहते हुए उन्होंने कहा कि कार्यसमिति ने सोनिया से अंतरिम अध्यक्ष बनने की मांग की, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है. वहीं तीसरा प्रस्ताव जम्मू कश्मीर को लेकर था जिसमें राज्य के मौजूदा हालात को लेकर चिंता जताई गई.

बैठक में कई बड़े नेता रहे मौजूद

दिन में हुई बैठक के बाद रात 8:00 बजे कार्यसमिति की बैठक दोबारा से शुरू हुई. बैठक में सोनिया, प्रियंका गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और एके एंटनी समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे. काफी कहने के बाद राहुल भी बैठक में पहुंच गए थे. सभी पांच समूह ने अपनी रिपोर्ट में अधिकतर नेताओं ने राहुल को ही कमान सौंपने की बात कही. वहीं अध्यक्ष के नाम को लेकर 5 समूहों ने देशभर से आए प्रदेश अध्यक्ष, विधानसभाओं में दल के नेता. सांसद आदि से उनकी राय पूछी.

राहुल ने सरकार को घेरा

कार्यसमिति की बैठक के दौरान राहुल गांधी मीडिया के सामने आकर पार्टी अध्यक्ष पद के चयन पर कुछ ना बोलकर जम्मू कश्मीर में हो रही हिंसा को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की. राहुल गांधी ने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि वहां क्या चल रहा है. इतना कहकर राहुल गांधी चले गए. जब उनसे पूछा गया कि अध्यक्ष के चयन का क्या हुआ, तो उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर चर्चा की वजह से बैठक रोकनी पड़ गई. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा