रविवार को एक प्रमुख वकील राम जेठमलानी का निधन हो गया. उनका निधन लंबी बीमारी के बाद 95 साल की उम्र में हुआ है. लंबे वक्त से उनका इलाज चल रहा था. दूर दराज के इलाकों में भी राम जेठमलानी को शायद ही कोई ऐसा होगा जो नहीं जानता होगा. लेकिन रविवार को उनका निधन हो गया. राम जेठमलानी ने 17 साल की उम्र में वकालत की डिग्री हासिल कर ली थी. उनका जन्म 14 सितंबर 1923 में हुआ था.

राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलि

प्रमुख वकील राम जेठमलानी के निधन के बाद कई लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे रहे हैं. इस कड़ी में बीजेपी के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे. इस दौरान राजनाथ सिंह ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके परिवार वालों से मुलाकात की.

राम जेठमलानी का निधन

राम जेठमलानी का परिवार बंटवारे के बाद भारत आ गया था. राजनीतिक जीवन की बात की जाए तो अपनी राजनीतिक जीवन में वह कई पार्टियों का हिस्सा रहे. यहां तक की वह बीजेपी और राजद की तरफ से राज्यसभा सांसद भी रह चुके हैं. कोर्ट में उनकी मौजूदगी ही अपने आप में एक बड़ी बात रहती थी. यहां तक की उनके वकील बनने के लिए वकील बनने की उम्र में संशोधन भी किया गया था.

विवादित मुद्दे हाथ में लेते थे

बताया जाता है कि उन्हें विवादित मुद्दों को अपने हाथों में लेने में काफी मजा आता था. जब देश कुछ और सोच रहा हो उसके खिलाफ जाना जेठमलानी के बस की ही बात थी. उन्होंने कई ऐसे लोगों को फांसी के फंदे से बचा लिया जिन्हें आरोपी माना गया था.

कई विवादित केस हाथ में लिए

राम जेठमलानी ने राजीव गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के आरोपियों से लेकर चारा घोटाला मामले में आरोपी लालू प्रसाद यादव तक का केस लड़ा था. जेठमलानी इंदिरा गांधी की हत्या के दोषी केहर सिंह और सतवंत सिंह और राजीव गांधी की हत्या के मामले में दोषी मुरुगन के बचाव में कोर्ट में पेश हुए थे. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा