प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र के कॉन्फ्रेंस ऑफ द पार्टीज यानी कॉप के 14वें अधिवेशन को संबोधित किया. इस दौरान जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और बढ़ते रेगिस्तान पर चिंता जाहिर की गई. अधिवेशन ग्रेटर नोएडा के इंडिया मार्ट एंड एक्सपो में आयोजित किया गया.

पानी की समस्या पर की बात

संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया को पानी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. पीएम ने कहा कि अब दुनिया को पानी बचाने के मसले पर एक सेमिनार बुलाने की जरूरत है जहां पर इन मामलों को हल करने के तरीकों के बारे में विचार किया जा सके. पीएम ने कहा कि भारत पानी बचाने, पानी का सही इस्तेमाल करने की तरफ कदम बढ़ा चुका है. भारत ने ग्रीन कवर को बढ़ाया, 2015-2017 के बीच भारत का जंगल का एरिया बढ़ा है.

‘भारत के संस्कारों में धरती पवित्र’

कॉप के 14वें अधिवेशन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के संस्कारों में धरती पवित्र है, हर सुबह जमीन पर पैर रखने से पहले हम धरती से माफी मांगते हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में लोगों को क्लाइमेट चेंज के मसले पर नकारात्मक सोच का सामना करना पड़ रहा है. जिस कारण समुद्र का जल स्तर बढ़ रहा है, बारिश, बाढ़ और तूफान हर जगह इसका असर देखने को मिल रहा है.

‘भारत ने उठाए कई कदम’

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने इस मामले में 3 बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया है, इससे हमारी कोशिशों के बारे में दुनिया को पता लगता है. PM मोदी ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता और भूमि क्षरण के मसले पर दुनिया में कई कदम उठाने को तैयार है.

प्लास्टिक के मुद्दे पर की बात

कॉप के 14वें अधिवेशन में पीएम मोदी ने प्लास्टिक पर भी बात की. इस मामले में पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया को भी जल्द ही सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर रोक लगानी होगी. स्वच्छ भारत मिशन के बारे में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इसके तहत भारत ने काफी सफलता पाई है, आज भारत में शौचालयों की संख्या 38 से 99 फीसदी तक पहुंची है.

पीएम मोदी ने ऐलान किया कि भारत आने वाले समय में बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने की ओर कदम बढ़ा रहा है, भारत 21 मिलियन हेक्टेयर्स से लेकर 26 मिलियन हेक्टयर्स बंजर भूमि को 2030 तक उपजाऊ करेगा. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा