कर्नाटक में कुमार स्वामी सरकार का 1 साल भी पूरा ही हुआ था की मुसीबत सामने खड़ी हो गई. कांग्रेस में लगातार इसकी को का दौर जारी है ऐसे में कांग्रेस के 10 और जेडीएस के तीन विधायकों के इस्तीफे के बाद निर्दलीय विधायक नागेश ने भी अपना मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. जिसके बाद कर्नाटक में विधायकों के लगातार इस्तीफों से कुमार स्वामी सरकार का राजनीतिक संकट गहराता जा रहा है. इसका फायदा बीजेपी उठा सकती है लेकिन अब देखना तो यह होगा कि सरकार विधायकों के जोड़-तोड़ से बनती है वो फिर या फिर कर्नाटक में विधानसभा चुनाव फिर से हो सकते हैं.

बैठकों का दौर जारी

निर्दलीय विधायक का मंत्रीपद से इस्तीफा देने के बाद उन्होंने कांग्रेस-जेडीएस सरकार के साथ अपना समर्थन वापस ले लिया है और बीजेपी को अपना समर्थन देने की घोषणा कर दी है. हालांकि कांग्रेस जेडीएस के नेता अभी भी सरकार बचाने की कोशिश में जुटे हुए हैं. कांग्रेस के दिग्गज नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, कर्नाटक कांग्रेस प्रभारी केसी वेणुगोपाल, जी परमेश्वर और एमबी पाटील लगातार बैठक कर सरकार बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

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सरकार बचाने की हो रही कोशिश

कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों का इस्तीफा अभी तक विधानसभा अध्यक्ष रमेश कुमार ने नहीं लिया है. इस मामले में उन्होंने मंगलवार को फैसला लेने की बात कही है जिसके बाद से कांग्रेस जेडीएस की ओर से सरकार बचाने का प्रयास भी तेज हो गया है

आपको बता दें कि कांग्रेस ने अपने 80 और जेडीएस के 37 विधायकों के साथ सरकार बनाई थी फिलहाल बीजेपी के पाले में 105 विधायक हैं. देखना होगा कि अगर कांग्रेस के 10 और जेडीएस के 3 विधायकों का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाता है तब बहुमत का हिसाब 210 सीटों पर लगाया जाएगा और किसी पार्टी को सरकार में रहने के लिए 106 विधायकों का समर्थन की जरूरत होती है.

वही सरकार बचाने के फिलहाल आंकड़े बीजेपी के पाले में दिखाई दे रहे हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदिरप्पा सरकार बनाने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने लोग सन्यासी नहीं है जो सरकार बनाने की संभावनाओं से इंकार करेंगे. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा