जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद इस पर सियासी तकरार जारी है. इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कश्मीर की लड़कियों के लिए का एक विवादित बयान दिया है. हरियाणा के सीएम ने कहा है कि आर्टिकल 370 के खत्म होने के बाद कश्मीर से लड़कियों को शादी के लिए लाया जा सकता है. यह सब उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा है.

सीएम खट्टर के विवादित बोल

एक कार्यक्रम के दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि ‘हमारे मंत्री ओपी धनखड़ अक्सर कहते रहते हैं कि वह बिहार से बहू लाएंगे. इन दिनों लोग कह रहे हैं कि अब कश्मीर का रास्ता साफ हो गया है अब हम लोग कश्मीर से बहू लाएंगे.’

पहले भी दिया है विवादित बयान

बात अगर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की हो तो यह पहली बार नहीं है कि उनका विवादित बयान सामने आया है. पिछले साल भी रेप को लेकर खट्टर ने ऐसी बात कही थी जिससे विवाद खड़ा हो गया था. उस वक्त हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा था कि सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह घटनाएं जो है, रेप और छेड़छाड़ की 80 से 90 फ़ीसदी जानकारों के बीच में होती हैं, काफी समय के लिए इकट्ठे घूमते हैं, 1 दिन अनबन हो गई, उस दिन उठाकर एफआईआर करवा देते हैं, किस ने मेरा रेप किया है. हरियाणा के मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद काफी विवाद खड़ा हो गया था.

बीजेपी विधायक की विवादित टिप्पणी

हालांकि कश्मीर से जुड़े हुए विवादित बयानों की लिस्ट में बीजेपी विधायक विक्रम सैनी का नाम भी शामिल है. अपने बयानों से अक्सर सुर्खियों में रहने वाले विक्रम सैनी ने अनुच्छेद 370 को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि देश के मुसलमानों को खुश होना चाहिए कि वे अब बिना किसी डर के गोरी कश्मीरी लड़कियों से शादी कर सकते हैं. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि बीजेपी के कुंवारे नेता भी अब कश्मीर जाकर वहां प्लॉट खरीद सकते हैं और शादी कर सकते हैं.

नमाज अदा करने पहुंचे हजारों लोग

वहीं जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 के हटने के बाद शुक्रवार को श्रीनगर में 18 हजार लोगों ने नमाज अदा की है. यह बात जम्मू कश्मीर प्रशासन ने कही है. बड़गांव में 7500 और अनंतनाग में 11000 लोग नमाज पढ़ने के लिए घरों से बाहर निकले थे. शाम तक बारामुला, कुलगाम और सोपिया में 4000 से कुछ कम लोग नमाज अदा करने के लिए एकत्रित हुए थे. जम्मू में नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जाने वालों में हिजाब पहनी महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है. वहीं प्रशासन का कहना है कि नमाज को मोहल्ले की मस्जिदों में छोटे समूह में इजाजत दी गई है. हालांकि बड़ी मस्जिद हो जैसे जामिया मस्जिद और हजरतबाई में इजाजत नहीं दी गई है. ऐसा इसलिए क्योंकि यहां बड़ी संख्या में लोग नमाज के लिए जुटते हैं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.