चुनाव के चक्कर में इन दिनों राजनीतिक माहौल गर्म हो रखा है. ऐसे में महाराष्ट्र के जलगांव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने सीधा विपक्ष को अपने निशाने पर लिया. अपने मोदी ने अपने विपक्ष को चुनौती देते हुए कहा कि हिम्मत है तो इसमें और आने वाले चुनावों में भी अपने घोषणा पत्र में ऐलान करें कि वह अनुच्छेद 370 को वापस लाएंगे.

विपक्ष को चुनौती

पीएम मोदी ने कहा कि बीते पांच साल के हमारे काम काज से विपक्षियों को हैरानी हो रही है. पीएम मोदी ने कहा कि हमारे विरोधी मान रहे हैं कि बीजेपी शिवसेना गठबंधन का नेतृत्व कर्मशील भी है और ऊर्जावान भी है, बीते कुछ महीनों में कांग्रेस एनसीपी के नेताओं के बयान ही देख लीजिए.

उल्टा सोचता है विपक्ष

जम्मू-कश्मीर के बारे में बोलते हुए पीएम ने कहा कि जो पूरा देश सोचता है, उससे एकदम उल्टा इनकी सोच दिखती है. इनका तालमेल पड़ोसी देश के साथ मिलता जुलता है. पीएम मोदी ने कहा कि दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ रहा है कि हमारे देश के कुछ राजनीतिक दल, कुछ राजनेता, राष्ट्रहित में लिए गए इस निर्णय पर राजनीति करने में जुटे हैं. 

भगवान के चरणों में नमन

पीएम मोदी ने कहा कि ‘आप ये जानकार हैरान हो जाएंगे कि 70 साल तक जम्मू कश्मीर और लद्दाख के हमारे वाल्मीकि भाइयों को मानवाधिकारों से भी वंचित कर दिया गया था. आज मैं भगवान वाल्मीकि के चरणों में नमन करते हुए कहता हूं कि मुझे अपने उन भाइयों को गले लगाने का सौभाग्य मिल रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 अगस्त को आपकी भावना के अनुरूप भाजपा- NDA सरकार ने एक अभूतपूर्व फैसला लिया. जिसके बारे में सोचना तक पहले असंभव लगता था. एक ऐसी स्थिति जिसमें जम्मू कश्मीर के गरीब की, बहन-बेटियों की, दलितों और शोषितों के विकास की संभावनाएं ना के बराबर थी. आज नया भारत ठान चुका है कि उसे अतीत के अनावश्यक बंधनों में बंधकर नहीं रहना है. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा