पीएम मोदी का संबोधन

कोरोना वायरस के कारण लगे लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर से देश को संबोधित किया. इससे पहले पीएम मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की थी. कोरोना वायरस के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया. पीएम मोदी ने 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का ऐलान किया. पीएम मोदी ने ये भी कहा कि 17 मई के बाद लॉकडाउन जारी रहेगा. ये लॉकडाउन नए नियमों के साथ जारी होगा. राज्यों के सुझाव के आधार पर लॉकडाउन 4.0 होगा. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के चौथे दौर के नियमों की जानकारी 18 मई से पहले दी जाएगी.

20 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान

अपने संबोधन में पीएम ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करने के लिए, इस पैकेज में लैंड, लेबर, लिक्विडिटी सभी पर बल दिया गया है. ये आर्थिक पैकेज हमारे कुटीर उद्योग, गृह उद्योग, हमारे लघु-मंझोले उद्योग, हमारे MSME के लिए है, जो करोड़ों लोगों की आजीविका का साधन है, जो आत्मनिर्भर भारत के हमारे संकल्प का मजबूत आधार है. पीएम मोदी ने कहा कि इन सबके जरिए देश के विभिन्न वर्गों को, आर्थिक व्यवस्था की कड़ियों को, 20 लाख करोड़ रुपए का संबल मिलेगा, सपोर्ट मिलेगा. 20 लाख करोड़ रुपए का ये पैकेज, 2020 में देश की विकास यात्रा को, आत्मनिर्भर भारत अभियान को एक नई गति देगा.

इकोनॉमी को दिया बूस्ट

पीएम मोदी के राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि भारत की प्रगति में तो हमेशा विश्व की प्रगति समाहित रही है. भारत के लक्ष्यों का प्रभाव, भारत के कार्यों का प्रभाव, विश्व कल्याण पर पड़ता है. पीएम मोदी ने कहा, जो पृथ्वी को मां मानता हो, वो संस्कृति, वो भारतभूमि, जब आत्मनिर्भर बनती है, तब उससे एक सुखी-समृद्ध विश्व की संभावना भी सुनिश्चित होती है.

‘स्थिति हमें सिखाती है’

राष्ट्र के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि विश्व के सामने भारत का मूलभूत चिंतन, आशा की किरण नजर आता है. भारत की संस्कृति, भारत के संस्कार, उस आत्मनिर्भरता की बात करते हैं जिसकी आत्मा वसुधैव कुटुंबकम है. पीएम मोदी ने कहा, एन-95 मास्क का भारत में नाममात्र उत्पादन होता था. आज स्थिति ये है कि भारत में ही हर रोज  2 लाख PPE और 2 लाख एन-95 मास्क बनाए जा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा, इतनी बड़ी आपदा, भारत के लिए एक संकेत लेकर आई है, एक संदेश लेकर आई है, एक अवसर लेकर आई है.

‘थकना हारना मंजूर नहीं’

लॉकडाउन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व की आज की स्थिति हमें सिखाती है कि इसका मार्ग एक ही है ‘आत्मनिर्भर भारत’. पीएम मोदी ने कहा, जब हम इन दोनों कालखंडों को भारत के नजरिए से देखते हैं तो लगता है कि 21वीं सदी भारत की हो, ये हमारा सपना नहीं, ये हम सभी की जिम्मेदारी है. लेकिन थकना, हारना, टूटना-बिखरना, मानव को मंजूर नहीं है.

‘वायरस ने किया दुनिया को तहस नहस’

पीएम मोदी ने कहा कि एक वायरस ने दुनिया को तहस-नहस कर दिया है. विश्व भर में करोड़ों जिंदगियां संकट का सामना कर रही हैं. सारी दुनिया, जिंदगी बचाने की जंग में जुटी है. इससे पहले मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के बाद खबरों के अनुसार पीएम मोदी ने कहा था कि भले ही हम लॉकडाउन को क्रमबद्ध ढंग से हटाने पर गौर कर रहे हैं लेकिन हमें यह भी याद रखना चाहिए कि जब तक हम वायरस पर कारगर कोई वैक्‍सीन या उपाय नहीं ढूंढ लेते हैं तब तक वायरस से लड़ने के लिए हमारे पास सबसे बड़ा हथियार सामाजिक दूरी ही है. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.