संसद में बोले अमित शाह

संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के छठे दिन काफी गर्मा गर्मी देखने को मिली. इस दौरान दिल्ली में हुई हिंसा को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने बयान दिया. दूसरी तरफ कांग्रेस के सात सांसदों का निलंबन वापस हो गया है. ये फैसला सर्वदलीय बैठक में लिया गया. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. ऐसे में कांग्रेस ने लोकसभा में अपने सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठाया था. पार्टी ने इस मुद्दे पर हंगामा भी किया.

अपने बयान में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि उत्तर-पूर्व इलाका उत्तर प्रदेश के बॉर्डर से जुड़ा हुआ है. मैं इतना कहना चाहता हूं कि सीआरपीएफ भेजनी चाहिए, सदस्य इसके लिए सुझाव दे सकते हैं. लेकिन मैं उनको यह बता दूं कि सीआरपीएफ, 22 और 23 तारीख को कुल 30 कंपनी, 24 तारीख को 40 कंपनियां, 25 तारीख को और 50 कंपनियां भेजी गई थीं. 26, 27, 28 और 29 तारीख को 80 से ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं जो अभी वहां पर तैनात की गई हैं. अमित शाह ने कहा कि गुनहगारों को पकड़ने के लिए पूरी व्यवस्था शुरू कर दी गई है.

‘यह गहरी साजिश थी’

संसद के बजट सत्र में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा 27 तारीख से आज तक 700 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई है. दिल्ली में हिंसा फैलाने के लिए 300 से ज्यादा लोग यूपी से आए थे. यह गहरी साजिश थी. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप के कार्यक्रमों में बैठा था. मेरा जाना भी पहले से तय था. मैं जिस दिन गया उस दिन कोई घटना नहीं हुई. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा मैं दिल्ली शाम को 6:30 बजे वापस आ गया था.

‘मैंने पूरे मामले की समीक्षा की’

संसद में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरा समय मैं दिल्ली पुलिस के साथ बैठकर इस पूरे मामले की समीक्षा कर रहा था. मैंने ही अजीत डोभाल से विनती की थी कि आप जाइए और पुलिस का मनोबल बढ़ाइए. मैं इसलिए नहीं गया कि मेरे जाने से पुलिस मेरे पीछे लगती और पुलिस दंगे रोकने में अपने बल को नहीं लगा पाती. अमित शाह ने कहा कि पुलिस ने दंगे को दिल्ली में फैलने नहीं दिया. ये हिंसा दिल्ली के चार फीसदी और 13 फीसदी आबादी में सीमित रखने का काम पुलिस ने किया.

‘भड़काने का काम हर जगह हुआ’

संसद में अमित शाह ने कहा कि 12 थानों में हिंसा रुकी रही. भड़काने का काम हर जगह हुआ. पुलिस की जिम्मेदारी थी हिंसा को रोकना. 24 फरवरी को 2 बजे के आसपास पहली सूचना मिली. 25 फरवरी को रात 11 बजे आखिरी सूचना मिली. दिल्ली पुलिस ने 36 घंटे में हिंसा को समेटने का काम किया. अजीत डोभाल के हिंसा प्रभावित इलाकों में जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मेरे कहने पर अजीत डोभाल वहां गए थे. मैं जाता तो पुलिस मेरी सुरक्षा में लगती. उन्होंने कहा कि हिंसा में जिन लोगों की जान गई उनके प्रति दुख जताता हूं. जिस तरह से दंगों को देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश किया गया था, मैं साफ करना पसंद करता हूं.

असद्दीन ओवैसी पर आरोप

अमित शाह ने कहा कि 25 फरवरी को रात 11 बजे के दिल्ली में हिंसा की एक भी घटना नहीं हुई. 2 मार्च को संसद भी थी. इस दौरान गृह राज्य मंत्री किशन रेड्डी ने असदुद्दीन ओवैसी के ऊपर आरोप लगाते हुए कहा कि हैदराबाद के इलाके में इन्होंने कई जगहों पर हिंदुओं के घर खाली कराए और कई लोगों को मारा. असदुद्दीन ओवैसी जब बोल रहे थे उनका वक्तव्य जैसे ही लोकसभा में खत्म हुआ उसके बाद जी किशन रेड्डी ने खड़े होकर के असदुद्दीन ओवैसी के ऊपर आरोप लगाए हैं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.