ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया इस्तीफा

मध्यप्रदेश से कांग्रेस के लिए एक बुरी खबर सामने आ रही है. मध्यप्रदेश में सत्तारूढ़ कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. यहां ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपनी ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज चल रहे सिंधिया ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया.

ट्वीट कर दी जानकारी

सिंधिया ने खुद ट्वीट कर अपने इस्तीफे की जानकारी दी है. सिंधिया के इस्तीफे के बाद उनके खेमे के 14 कांग्रेस विधायकों ने भी इस्तीफे दे दिए हैं. मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार इन 14 विधायकों ने मध्य प्रदेश के राज्यपाल को अपने इस्तीफे भेज दिए हैं. इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. सिंधिया के इस फैसले को कांग्रेस ने गद्दारी बताया है और कहा है कि अब मध्य प्रदेश में हमारी सरकार नहीं बच पाएगी.

पीएम मोदी से साथ बैठक

इस्तीफा देने से पहले सिंधिया दिल्ली में सुबह अपने आवास से निकलकर सीधे गृहमंत्री अमित शाह से मिलने पहुंचे और इसके बाद शाह के साथ ही वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पहुंच गए. पीएम के आवास पर सिंधिया की बैठक सुबह शुरू हुई थी.

सीएम कमलनाथ से थी नाराजगी ?

खबर है कि पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच बैठक करीब एक घंटे तक चली. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद सिंधिया अमित शाह की कार में बैठकर ही बाहर निकले. इससे पहले सिंधिया अपने आवास से अकेले खुद कार चलाकर अमित शाह के घर पहुंचे थे. इस दौरान अमित शाह के काफिले में लोक कल्याण मार्ग पर पीएम आवास पहुंचे. पीएम मोदी से मुलाकात के बाद ही ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया.

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में 230 विधानसभा सीटें हैं. यहां 2 विधायकों का निधन हो गया है. इस तरह से विधानसभा की मौजूदा शक्ति 228 हो गई है. कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं. जबकि सरकार बनाने का जादुई आंकड़ा 115 है. कांग्रेस को 4 निर्दलीय, 2 बहुजन समाज पार्टी और एक समाजवादी पार्टी विधायक का समर्थन हासिल है. इस तरह कांग्रेस के पास कुल 121 विधायकों का समर्थन है. जबकि बीजेपी के पास 107 विधायक हैं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.