योग कोई धर्म नहीं है, ये जीने की एक कला हैं जिसका लक्ष्य हैं- स्वस्थ शरीर, स्वस्थ मन. मनुष्य का अस्तित्व शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक है, योग इन तीनों के संतुलित विकास में मदद करता हैं. योग क्या है और क्यों करना चाहिए, इससे क्या मिलता है. इसका अनुभव आपको इसे करने के बाद ही होगा. हर रोज़ अपनी दिनचर्या में सिर्फ 15 मिनट योग के लिए निकालें, जिससे आपका शरीर स्वस्थ बना रह सकता है.

आज के समय में हर किसी की दिनचर्या ऐसी हो गई है कि उम्र से पहले ही बुढ़ापा ना केवल शक्ल पर बल्कि स्वास्थ्य पर भी दिखने लगता है. पूरे-पूरे दिन ऑफिस में बैठना तमाम रोगों को आपके शरीर में प्रवेश करने का न्यौता देता है. वहीं, कम उम्र में इतनी बिमारियां आपको घेर लेती हैं कि चेहरे पर बुढ़ापा समय से पहले ही झलकने लगता है. हालांकि, अगर हम अपने शरीर का खास ख्याल रखें तो रोगों से बच सकते हैं. और ये सब हम योग के द्वारा कर सकते हैं. योग के जरिए ऊर्जा बढ़ती है, बीमारियां आपसे दूर रहती है, हड्डियां मजबूत होती हैं और मानिसक रूप से शांति मिलती है. चलिए आपको बताते है ऐसे योगासन जिससे आपका बुढ़ापा आपसे दूर रहेगा.

अनुलोम-विलोम प्राणायाम-

अनुलोम-विलोम से सांस की समस्या और जुकाम आदि में फायदा मिलता है. इस योगासन के दौरान हमारे शरीर में शुद्ध हवा जाती है और हमारे खून में मौजूद दूषित पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं. वहीं, इस आसन से हमारा दिल भी मजबूत होता है और भूख भी बढ़ती है.

सबसे पहले तो अनुलोम-विलोम करने के लिए ध्यान आसन में बैठ जाएं. अब अपने दाहिने हाथ के अंगूठे से नाक के एक हिस्से को बंद कर दें और दूसरे हिस्से से धीरे-धीरे सांस भीतर खींचे. फिर जिस से सांस अंदर ली थी, उस हिस्से को बंद करके दूसरी तरफ से सांस छोड़ दें. इस प्रक्रिया को आप अपनी क्षमता अनुसार कर सकते हैं.

कपालभांति प्राणायाम-

इस व्यायाम को करने से चेहरे पर चमक आती है, झुर्रियों की समस्या भी बहुत हद तक खत्म हो जाती है. हदय, फेफड़े और मस्तिष्क के रोग दूर होते हैं, मोटापा कम करने में ये प्राणायाम बेहद कारगर है.

सबसे पहले ध्यान की मुद्रा में बैठ जाए और अपनी आंखे बंद कर लें. अब शरीर को ढीला छोड़ दें और गहरी सांस ले, जिससे आपका पेट फूल जाए. इसके बाद सांस को उतनी देर तक छोड़े जब-तक पेट की पेशियां सिकुड़ न जाए. कपालभांति प्राणायाम में पेट को पिचकाने और फुलाने की क्रिया पर ज़ोर दिया जाता है. ये ज़रुर ध्यान रखें कि खाने के बाद ये योगासन न करें. खाने के 3 घंटे बाद ही इसे करें.