सक्सेस पाने के लिए और आगे बढ़ने के लिए हर किसी को मोटिवेशन और सही राह की ज़रुरत पड़ती है. लेकिन उसके साथ-साथ आप एक अच्छे इंसान भी बने रहें ये भी बहुत महत्वपूर्ण है. चाणक्य नीतियां कुछ ऐसी ही ज्ञान वर्धक और ज़रुरी बातें बताती हैं जिनको जानकर आप अच्छाई की ओर बढ़ते हुए सफलता को पा सकते हैं. क्योंकि अक्सर व्यक्ति सफलता पाने के लिए सही और गलत में फर्क करना भूल जाता है और बुरे या कहे अर्धम के रास्तों पर चल पड़ता है.

चाणक्य ने अपनी नीतियों के माध्यम से बताया है की कैसे आप कुछ आसान सी बातों को समझकर अपने जीने का तरीका बदल सकते हैं. चाणक्य नीति कहती है की अगर आप हद से ज्यादा सीधे हैं तो लोग आपका गलत फायदा उठा सकते हैं. सीधे लोगों को समाज में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में आपको थोड़ा सा समझदार बनना पड़ेगा लेकिन चालाकी से दूर रहें. दूसरो को नीचा दिखाने की कोशिश ना करें. इसका मतलब बस इतना है की कोई आपको मूर्ख समझकर बेवकूफ ना बनाएं.

चाणक्य नीति कहती है की लाइफ में सफल होने के लिए सबसे पहले खुद पर भरोसा होना बहुत ज़रुरी है. जब तक आपका खुद पर आत्मविश्वास नहीं होगा तब तक आप कोई भी काम लगन के साथ नहीं कर पाएंगे. कोई भी काम करने से पहले खुद पर यकीन करना सीखें. मन में खुद से कहे की आप ये काम कर सकते हैं और अगर असफल भी हो जाएं तो निराश ना हों. मुश्किलों में कई बार व्यक्ति का सेल्फ कॉन्फिडेंस हिल जाता है लेकिन ऐसे वक्त में सबसे ज्यादा आपको खुद पर भरोसा करना होगा. कई बार असफल होने के बावजूद जो लोग खुद पर यकीन रखते हैं वो ही सफलता हासिल करते हैं.

महिलाओं के लिए चाणक्य की एक नीति बहुत कारगर साबित हो सकती है. चाणक्य नीति कहती है की महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले कुछ चीज़ों में दोगुनी क्षमता होती है. जिसमें सहनशक्ति सबसे ऊपर है. महिलाएं इस काबिलियत के आधार पर पुरुषों से आगे बढ़ सकती हैं. जिन महिलाओं को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है वो ज़िंदगी से हारे नहीं. बल्कि खुद के अंदर छिपी क्षमता को पहचाने. इसीलिए नारी को शक्ति का रुप माना गया है.

चाणक्य ने अपनी नीति में शत्रुओं से कैसे दूर रहें औऱ उन्हें कैसे पहचाने इस पर भी बताया है. नीति कहती है की कोई भी सच्चा मित्र शहद की तरह मिठा नहीं बोल सकता. बहुत ज्यादा मीठा बोलने वाला मनुष्य़ आपका शत्रु भी हो सकता है. इसके अलावा जो आपके शत्रु होंगे वो आपको नीचा दिखाने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे ऐसे में उनसे लड़ने के बजाय उनकी कमज़ोरियों को पकड़े. अमुमन इंसान उस व्यक्ति से तुरंत लड़ने लगता है जो आपका शत्रु है लेकिन चाणक्य नीति कहती है की शत्रु की कमजोरी जानकर उसे वंहा से मात दें.