मौजूदा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 17 नवंबर को रिटायर होने वाले हैं. जिसके बाद देश के नए मुख्य न्यायाधीश बनाने के लए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने जस्टिस शरद अरविंद बोबडे के नाम पर मुहर लगा दी है. जस्टिस शरद अरविंद बोबडे देश के 46वें चीफ जस्टिस होंगे. वह 18 नवंबर को शपथ लेने वाले हैं.

नये CJI के लिए भेजा प्रस्ताव

इससे पहले मौजूदा चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने नियमानुसार कुछ दिनों पहले जस्टिस शरद अरविंद बोबडे को देश का नया सीजेआई बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा था. जिसे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा पारित कर दिया गया है. रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले की रोजाना सुनवाई कर रही पांच जजों की पीठ में जस्टिस एस. एस बोबडे भी शामिल हैं.

जस्टिस बोबडे के बारे में

जस्टिस शरद अरविंद बोबडे का जन्म 24 अप्रैल, 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था.नागपुर विश्वविद्यालय से बी.ए. और एल.एल.बी डिग्री ली है. 1978 में जस्टिस बोबडे ने बार काउंसिल ऑफ महाराष्ट्र को ज्वाइन किया था. इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में लॉ की प्रैक्टिस की, 1998 में वरिष्ठ वकील बने. 2000 में जस्टिस बोबडे ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बतौर एडिशनल जज पदभार ग्रहण किया. इसके बाद वह मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस बने. जस्टिस बोबडे आधार कार्ड, दिल्ली-NCR में पटाखों पर बैन समेत अन्य ऐतिहासिक फैसलों का हिस्सा रहे हैं.

बोबडे का नाम भी शामिल

पांच जजों की बेंच में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे, जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस नज़ीर शामिल हैं. इस मामले की सुनवाई पूरी हो गई है, लेकिन फैसला आना बाकी है. इसके अलावा कई बड़े फैसलों में शामिल रहे हैं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा