चंद्रमा पर मलबा मिलने का दावा

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने चंद्रमा पर भारत के चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर के मलबा मिलने का दावा किया है साथ ही उसकी एक तस्वीर को भी साझा किया है. जिसके बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO चीफ के सिवन की प्रतिक्रिया भी सामने आयी है.

के सिवन का दावा

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार उन्होंने के सिवन ने कहा है कि हमारे खुद के ऑर्बिटर ने सबसे पहले लैंडर विक्रम के मलबे को खोज निकाला था. के सिवन ने कहा कि हमने पहले ही इसकी घोषणा इसरो की वेबसाइट पर कर दी थी, आप बेवसाइट पर जाकर इसे देख भी सकते हैं.

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन का सात सिंतबर को लैंडिंग के कुछ मिनट पहले ही विक्रम लैंडर से संपर्क टूट गया था।

नासा ने शेयर की तस्वीर

नासा ने अपने लूनर रिकॉनसन्स ऑर्बिटर यानी एलआरओ से ली गई तस्वीरें साझा की थीं. इसमें विक्रम के टकराने की जगह और बिखरा हुआ मलबा दिखाया है. जानकारी है कि लैंडर के हिस्से कई किलोमीटर तक लगभग दो दर्जन स्थानों पर बिखरे हुए हैं. तस्वीर में हरें रंग की बिंदुओं से विक्रम लैंडर का मलबा रेखांकित भी किया गया है. वहीं नीले रंग की बिंदुओं से चांद की सतह में क्रैश के बाद आए फर्क को दिखाया है. तस्वीर में ‘एस’ अक्षर के जरिये लैंडर के मलबे को दिखाया गया है. इसकी पहचान भारतीय कंप्यूटर प्रोग्रामर और मैकेनिकल इंजीनियर शनमुग सुब्रमण्यम उर्फ शान ने की है.

कराई जानी थी सॉफ्ट लैंडिंग

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की सात सितंबर को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराई जानी थी. हालांकि, चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने से 2.1 किमी पहले ही इसरो का लैंडर से संपर्क टूट गया था. विक्रम लैंडर दो सितंबर को चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से अलग हुआ था. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा