श्रीलंका में हुए आतंकी हमले के बाद हज़ारों लोगों के परिवार तबाह हो गए हैं. अभी तक मरने वालों की संख्या 290 बताई जा रही है. वहीं घायलों की संख्या 500 से ज्यादा पहुंच गई है. रविवार को हुए इस धमाके ने हर किसी का दिल दहला दिया है. अभी तक जो जानकारी सामने आई है उसके मुताबिक स्थानीय कट्टरपंथी मुस्लिम संगठन नेशनल तौहीद जमात (एनटीजे) का हाथ माना जा रहा है.

श्रीलंका के चर्च औऱ होटलों में हुए आतंकी हमले में 7 फिदायीन हमलावरों के शामिल होने की बात सामने आई है. अभी तक 24 लोगों को संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख ने 11 अप्रैल से पहले ही इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस को हमले को लेकर जानकारी दी थी.

बम धमाकों के पीछे फिदायीन हैं जो श्रीलंका के नागरिक थे. हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक विदेशी लिंक भी हमले की वजह बताया जा रहा है क्योंकि किसी भी आतंकी संगठन ने अब तक हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. बता दें की मृतकों में छह भारतीय नेताओं के शामिल होने की खबर है. वहीं 33 विदेशी नागरिक भी मारे गए हैं. फिलहाल श्रीलंका में इमरजेंसी जारी है जो सोमवार आधी रात से लागू है.

कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बताया कि श्रीलंका दौरे पर गए 7 जेडीएस कार्यकर्ताओं में 4 की मौत हो गई है। उन्होंने ट्वीट किया, ”मैं कोलंबो हमले में जान गंवाने वाले हमारे लोगों के लिए दुखी हूं।” पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घटना की निंदा की. उन्होंने श्रीलंका से साथ मज़बूती से खड़े होने की बात कही.

रविवार देर रात भी पुलिस को छह फीट लंबा पाइप बम कोलंबो एयरपोर्ट पर मिला था जिसे एयरफोर्स ने डिफ्यूज़ कर दिया. जिसके बाद यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. बता दें की जिस एनटीजे संगठन की तरफ से हमला किया है वो एक कट्टपंथी मुस्लिम संगठन है. जो तब चर्चाओं में आया था जब इस संगठन ने बुद्ध की मूर्तियों को तोड़ा था.