कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान को एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के फैसले के बाद झुकना पड़ गया. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के भारत के पक्ष में फैसला सुनाने के 24 घंटे बाद दी पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने गुरुवार देर रात को बयान जारी कर कुलभूषण जाधव मामले में अपना रुख साफ कर दिया. पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि वह अपने देश के कानून के अनुसार भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को राजनयिक पहुंच मुहैया कराएगा और इस कार्यप्रणाली पर काम हो रहा है.

इससे पहले लगातार 16 बार पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव को राजनयिक मदद देने से इंकार किया था जिसके बाद इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस भारत पहुंचा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान को एक बार फिर से मुंह की खानी पड़ी. 

जाधव को कराया गया अधिकारों से अवगत

पाकिस्तान विदेश मंत्रालय ने जो बयान जारी किया है उसमें यह भी बताया गया है कि जाधव को राजनयिक संबंधों पर वियना संधि के तहत उनके अधिकारों से अवगत करा दिया गया है पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस के फैसले के आधार पर कुलभूषण जाधव को राजनीतिक संबंधों पर वियना संधि के अनुच्छेद 32 के पैराग्राफ 1बी के तहत उनके अधिकारों के बारे में सूचित किया गया है. साथ में यह भी कहा गया कि एक जिम्मेदार देश होने के नाते पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान के कानूनों के अनुसार राजनयिक पहुंच मुहैया कराएगा.

पाकिस्तान को दिया था आदेश

इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस ने पाकिस्तान को जाधव मामले में सुनाई गई फांसी की सजा पर फिर से विचार करने और राजनयिक मदद प्रदान करने को बुधवार को आदेश दिया था. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट के इस कदम को भारत एक बड़ी जीत मान रहा है. आपको बता दें कि भारतीय नौसेना से सेवानिवृत्त अधिकारी कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में सुनवाई के बाद जासूसी और आतंकवाद के झूठे आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी जिस पर भारत ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जताई थी. ’ ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा