कश्मीर मुद्दे को लेकर पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को निष्कासित करने और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को निलंबित करने का ऐलान कर दिया. जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिए जाने के बाद पाकिस्तान की तरफ से यह कदम उठाया गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम अपने राजदूत को दिल्ली से वापस बुलाएंगे और भारतीय राजदूत को वापस भेज रहे हैं. 

बैठक में लिया गया फैसला

पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गए एक बयान में कहा गया है कि इस्लामाबाद में प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ही एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया है. बैठक में शीर्ष सैन्य और असैन्य नेतृत्व भी शामिल हुए थे. एनएससी सैन्य और असैन्य शीर्ष नेतृत्व का सर्वोच्च फोरम है. जहां पर सुरक्षा के महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की जाती है.

पाकिस्तान प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि एनएससी ने यह विषय भारत के साथ द्विपक्षीय व्यवस्था की समीक्षा करने का फैसला किया है.

बौखला गया पाकिस्तान !

अब देखने वाली बात यह है कि भारत सरकार ने जम्मू-कश्मीर को 2 केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख के रूप में विभाजित करने का फैसला किया है. जिसके बाद पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने कश्मीर में मौजूदा स्थिति पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की 3 दिनों की यह दूसरी बैठक बुलाई थी. इमरान खान ने रविवार को क्षेत्र में घटनाक्रम के मद्देनजर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एनएससी की बैठक बुलाई थी.

पाक मंत्री का बयान

गौरतलब है कि इमरान खान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी संयुक्त में भारत के साथ राजनयिक संबंधों को खत्म करने की मांग की थी. पाकिस्तान संसद के संयुक्त सत्र में फवाद चौधरी ने कहा था कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ युद्ध से डरना नहीं चाहिए. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.