प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के व्लादिवोस्तोक में ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम (EEF) को संबोधित किया. पीएम मोदी ने इस दौरान भारत-रूस की दोस्ती पर बातचीत की. बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने अपनी नीति को दुनिया के सामने रखा. ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में 130 करोड़ लोगों ने उनपर भरोसा जताने की बात कही. साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस कार्यक्रम के लिए उन्हें भारत में चुनाव से पहले ही निमंत्रण दे दिया था.

संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘मेरी सरकार एक्ट ईस्ट मिशन पर काम कर रही है. इसी के तहत भारत और रूस के बीच करीब 50 से अधिक व्यापारिक समझौते हुए हैं’.

दोनों देशों के रिश्तों पर बात

ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि ‘मुझे राष्ट्रपति पुतिन के साथ रूस की प्रतिभा को जानने का मौका मिला, जिसने मुझे बहुत प्रभावित किया है. भारत और पूर्वी हिस्से का रिश्ता बहुत पुराना है, भारत पहला देश है जिसने व्लादिवोस्तोक में अपना दूतावास खोला है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोवियत रूस के वक्त भी भारत-रूस का रिश्ता मजबूत था. व्लादिवोस्तोक दोनों देशों के लिए एक अहम स्थान बना है, भारत ने यहां पर एनर्जी सेक्टर और दूसरे रिसॉर्स में निवेश किया है’.

1 बिलियन डॉलर देगा भारत

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘भारत और रूस के साथ आनेपर विकास की रफ्तार को 1+1= 11 बनाने का मौका है. हाल ही में हमारे देश से कई नेता यहां पर आए और कई विषयों पर चर्चा की. भारत प्रकृति को बचाने के लिए कई कदम उठा रहा है. PM मोदी ने कहा कि पूर्वी हिस्से में विकास के लिए भारत 1 बिलियन डॉलर का लाइन ऑफ क्रेडिट देगा’.

पीएम मोदी ने सामने रखा मिशन

ईस्टर्न इकॉनोमिक फोरम में पीएम मोदी ने अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि ‘व्लादिमीर पुतिन की रूस के इस हिस्से के लिए रुचि काफी ज्यादा है, जो उनकी नीति में झलकती है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत कदम से कदम मिलाकर रूस के साथ चलना चाहता है. भारत में हम सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ आगे बढ़ रहे हैं, 2024 तक भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर बनाने के लिए आगे बढ़ रहे हैं’. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा