दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में भारतीय जनता पार्टी नेता सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि दी गई. श्रद्धांजलि सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, बीजेपी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी और अन्य नेता मौजूद रहे. इसके साथ ही केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पारित करते हुए सुषमा स्वराज के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया. श्रद्धांजलि सभा में सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल और उनकी बेटी बांसुरी भी मौजूद रहीं. इस मौके पर सभी ने प्रार्थना कर सुषमा स्वराज को श्रद्धांजलि दी.

पीएम ने सुनाया किस्सा

जहां सब लोगों ने सुषमा स्वराज के साथ अपने संबंधों के बारे में बताया वही पीएम मोदी ने भी उस समय का एक किस्सा सुनाया जब वह पहली बार संयुक्त राष्ट्र में भाषण देने वाले थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘यूएन मेरा भाषण होना था, मैं पहली बार वहां जा रहा था, सुषमा स्वराज जी मुझसे पहले पहुंच गई थी. मैं जब वहां पहुंचा तो मुझे रिसीव करने के लिए वह गेट पर थीं. मैंने कहा कि कल सुबह मुझे बोलना है, इस पर चर्चा कर लेते हैं. तो सुषमा जी ने पूछा कि आप का भाषण कहां है. मैंने कहा कि ऐसे ही बोल देंगे. उन्होंने कहा कि अरे भाई ऐसे नहीं होता है’.

सुषमा ने रात को करवाई स्पीच तैयार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा कि ‘सुषमा जी ने मुझसे कहा कि ऐसा नहीं होता है जी. दुनिया से भारत की बात करनी है. आप अपनी मर्जी से नहीं बोल सकते हैं. मैं पीएम था और वह विदेश मंत्रालय को संभालने वाली साथी मंत्री थीं. लेकिन वह मुझे कहती हैं कि अरे भाई ऐसा नहीं होता है. मैंने कहा कि पढ़कर बोलना मेरे लिए मुश्किल होता है. ऐसे ही बोल दूंगा, उन्होंने कहा कि जी नहीं, रात को ही उन्होंने मुझसे स्पीच तैयार करवा ली थी’.

सुषमा ने पीएम को सिखाया पहला सबक

प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘सुषमा जी का बड़ा आग्रह था कि आप कितने ही अच्छे वक्ता क्यों ना हो, आपको विचारों में कितनी भी साध्यता क्यों ना हो, लेकिन कुछ फोरम होते हैं जिनकी अपनी मर्यादा होती है, और वह आवश्यक होती हैं. यह सुषमा जी ने मुझे पहला सबक सिखा दिया था. कहने का मतलब यह है कि जिम्मेदारी जो भी हो लेकिन जो आवश्यक है उसे बेरोकटोक कहना चाहिए’.

6 अगस्त को हुआ था निधन

आपको बता दें कि 6 अगस्त 2019 को देश की पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का हार्ट अटैक आने से दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया था. जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान से सुषमा स्वराज का अंतिम संस्कार लोधी रोड के दयानंद शवदाह गृह में किया गया था. बीजेपी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज का दिल का दौरा पड़ने के बाद निधन हो गया था. उनके पार्थिव शरीर को बीजेपी मुख्यालय में रखा गया था. जहां लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी थी.

सुषमा स्वराज के अंतिम संस्कार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह समेत दूसरी पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया था. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.