रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तब तक संभव नहीं है जब तक आतंकवाद का वह सहयोग देना और उस को बढ़ावा देना बंद नहीं करता. यह सब बातें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधानसभा चुनावों से पहले होने वाली भाजपा की जन आशीर्वाद रैली को हरी झंडी दिखाने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए कही है. रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर पाकिस्तान से बातचीत होगी तो केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर होगी.

‘सिर्फ PoK को लेकर होगी बातचीत’

उन्होंने कहा कि अगर बातचीत होती है तो यह पीओके पर होगी ना की किसी अन्य मुद्दे पर. अगर पाकिस्तान के साथ किसी तरह की वार्ता होनी है तो उन्हें आतंकवाद को सहयोग करना और प्रोत्साहित करना बंद करना होगा. रक्षा मंत्री ने सवाल किया कि हम उनसे इस मुद्दे पर बात करें ? और क्यों करें ? इस दौरान उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 370 के अधिकार प्रावधानों को खत्म करने के बारे में भी बात की.

370 पर बोले रक्षा मंत्री

अनुच्छेद 370 के बारे में बोलते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि इस कदम से पड़ोसी देश कमजोर हुआ है और यह उनके लिए चिंता का कारण बन गया है. रक्षा मंत्री ने कहा कि अब वह हर दरवाजे को खटखटा रहा है और खुद को बचाने के लिए विभिन्न देशों से सहयोग मांग रहा है. हमने क्या अपराध किया है ? हमें क्यों धमकी दी जा रही है ? बहरहाल दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका ने पाकिस्तान को झटका दिया है और उसे भारत के साथ वार्ता शुरू करने के लिए कहा है. रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के माध्यम से भारत को अस्थिर और कमजोर करना चाहता है.

‘पाक ने स्वीकार किया बालाकोट हमला’

सभा को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद का इस्तेमाल कर हमारे देश को तोड़ना चाहता है. लेकिन हमारे 56 इंच के सीने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखा दिया है कि फैसले कैसे लिया जाते हैं. पुलवामा हमले के बाद हमारी वायु सेना ने बालाकोट पर हमला किया था. रक्षा मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में कहा था कि भारत बालाकोट से भी बड़े हमले की योजना बना रहा है. जिसका मतलब है कि उन्होंने स्वीकार कर लिया है कि बालाकोट में हवाई हमला हुआ था. इमरान खान बालाकोट हवाई हमले से इनकार करते रहते हैं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा