विवादास्पद इस्लामिक उपदेशक डॉक्टर जाकिर नाईक की मुसीबतें और ज्यादा बढ़ गई हैं. अब मलेशिया में जाकिर नाइक के धार्मिक उपदेश देने पर पाबंदी लगा दी गई है. इस मामले में मलेशिया पुलिस का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर जाकिर नाईक के उपदेश देने पर बैन लगाया गया है.

किया गया सर्कुलर जारी

मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक मलेशिया में इस मामले में सर्कुलर जारी किया है. इस मामले की पुष्टि रॉयल मलेशिया पुलिस के हेड ऑफ कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस दातुक असमावती  अहमद ने की है.

कानूनी दांव लगा रहा जाकिर नाईक

बताया जा रहा है कि जाकिर नाईक मलेशिया में दिक्कतें बढ़ने के बाद अब कानूनी दांव पर लगाने की कोशिश कर रहा है. मलेशिया के प्रधानमंत्री महाथिर मोहम्मद कुछ दिनों पहले यह बयान दिया था कि अगर यह साबित हो गया कि जाकिर नायक की गतिविधियां मलेशिया के लिए नुकसानदेह है तो उसका स्थाई निवासी दर्जा वापस लिया जा सकता है.

जांच में जुटी पुलिस

मलेशिया पुलिस नाइक के मलेशिया के अल्पसंख्यकों के खिलाफ दिए बयान की जांच कर रही है. मीडिया में चल रही खबरों के मुताबिक जाकिर नायक ने लॉ फॉर्म के जरिए पिनांग के उपमुख्यमंत्री पी रामासामी, बगान डलाम असेंबली के सदस्य सतीश मुनिआंदी, पूर्व राजदूत दातुक डेनिस इदनेटियस और कलांग के सांसद चार्ल्स  सेंटियागो के खिलाफ नोटिस भेजा है. नोटिस में कहा गया है कि यह चारों लोग समुचित मुआवजा के साथ माफी मांगे नहीं तो 2 दिन में अवमानना का केस झेलने के लिए तैयार रहें. यह नोटिस लॉ फर्म अकबेरदीन एंड कंपनी की ओर से भेजे गए हैं. 

जाकिर नाईक की हो रही आलोचना

जाकिर नाईक ने पुलिस में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि इन पांचों ने उनके खिलाफ 8 अगस्त को दिए बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है. इससे पहले पुलिस में दर्ज करवाई गई रिपोर्ट में नाईक ने दावा किया था कि उसने तो मलेशिया की इस बात के लिए तारीफ की थी कि, वह किस तरह हिंदू अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार करता है और उनके अधिकारों की रक्षा करता है. आपको बता दें कि मलेशिया में नायक की काफी आलोचना हो रही है. मलेशिया के अल्पसंख्यकों के लिए दिए उसके कथित बयान के बाद देशभर में उसके खिलाफ 115 पुलिस रिपोर्ट दर्ज हो चुके हैं.ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा