अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की तरफ से कहा गया है कि चंद्रचान-2 की हार्ड लैंडिंग हुई थी. हार्ड लैंडिंग होने के के कारण इसरो का चंद्रचान-2 से संपंर्क टूट गया. नासा ने कहा कि चंद्रचान-2 से संपंर्क करने वाली टीम अभी तक इस काम में सफल नहीं हो पाई है.

नासा ने जारी की तस्वीर

चंद्रचान-2 को लेकर अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने लैंड करने वाली जगह की तस्वीरों को भी जारी किया है. तस्वीरों को नासा के ऑर्बिटर ने लिया है. जिसमें धूल दिख रही है. नासा ने अपने बयान में कहा है कि अक्टूबर महीने में प्रकाश जब तेज होगा तब एक बार फिर से ऑर्बिटर लोकेशन की तस्वीर भेजेगा.

फिर से भेजेगा नासा तस्वीरें

नासा की तरफ से कहा गया कि 7 सितंबर को चंद्रचान-2 की हार्ड लैंडिंग हुई थी. चंद्रचान-2 का पता चंद्रमा की किसी पर्वतीय भूमि पर लैंडिंग के बात नहीं चल पाया. हालांकि इस शनिवार को विक्रम लैंडर से संपंर्क करने की समय सीमा खत्म हो जाएगी. ऐसा इसलिए है क्योंकि जिस जगह पर विक्रम लैंडर उतरा है वहां पर 14 दिनों के लिए रात शुरु होने वाली है.

अंतिम चरण में टूटा संपंर्क

दूसरी तरफ इसरो के चेयरमैन के सिवन की तरफ से कहा गया है कि चंद्रचान-2 का लैंडर विक्रम चांद की सतह से करीब 300 मीटर उपर पहुंच गया था. उन्होंने कहा कि लैंडिंग का सबसे महत्वपूर्ण चरण पार हो चुका था. लेकिन बिल्कुल ही अंत में जब मिशन था तो हमारा संपंर्क टूट गया. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा