भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो की तरफ से चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर के हाई रिजोल्यूशन कैमरे से ली गई तस्वीर को जारी की गई है. ऑर्बिटर में जो हाई रिजोल्यूशन कैमरा लगा हुआ है उसने चंद्रमा के सतह की तस्वीर ली है. जो तस्वीरें जारी की गई है उसमें चंद्रमा के सतह पर बड़े और छोटे गड्ढे नजर आ रहे हैं.

जानकारी है कि ऑर्बिटर हाई रिजोल्यूशन कैमरे (OHRC) चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-2 की हाई रिजोल्यूशन तस्वीरें मुहैया कराता है. यह पैंक्रोमैटिक बैंड (450-800 nm) पर संचालित होता है.

हो रही जांच

मीडिया में चल रही खबरों की माने तो एक राष्ट्रीय स्तर की (समिति एनआरसी) चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की खराब लैंडिंग की जांच रही है. इससे पहले इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने यह भी साफ किया था कि चंद्रयान-2 मिशन की 98 फीसदी सफलता की घोषणा उन्होंने नहीं की थी. यह घोषणा एनआरसी ने ही अपनी शुरुआती जांच के बाद की थी.

98 फीसदी सफल रहा मिशन

वही जांच एजेंसी का मानना है कि शुरुआती आंकड़ों के अनुसार चंद्रयान-2 मिशन में सिर्फ 2 फीसदी की ही कमी थी, 98 फीसदी मिशन सफल रहा है. जिसके बाद इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने लोगों से यह बात कही थी. इसरो चीफ डॉ. के. सिवन ने कहा था कि एनआरसी की पूरी जांच के बाद हम अपने ऑर्बिटर से मिले सभी डेटा और तस्वीरें आम जनता के लिए जारी करेंगे. रिव्यू कमेटी एनआरसी अब भी चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर की खराब लैंडिंग के आंकड़ों और तस्वीरों की जांच का काम कर रही है. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा