इसरो के अध्यक्ष के सिवन की तरफ से कहा गया है कि चंद्रयान-2 मिशन अपने लक्ष्य में लगभग 100 फीसदी सफलता के करीब रहा. उन्होंने बताया कि यह मिशन नाकाम नहीं है. इसरो चीफ सिवन ने कहा कि हम पहले से जारी अभियानों में व्यस्त हैं और चंद्रयान-2 के बाद गगनयान मिशन पर पूर्व निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक काम जारी रहेगा.

संपर्क स्थापित करने की कोशिश

मीडिया में दिए अपने एक इंटरव्यू में इसरो अध्यक्ष सिवन ने कहा कि विक्रम लैंडर का आखिरी चरण ठीक नहीं रहा, इस वजह से विक्रम से हमारा संपर्क टूट गया है. इसरो चीफ ने कहा कि एक बार विक्रम से हमारा लिंक टूटा तो फिर स्थापित नहीं हो सका. उन्होंने कहा कि उम्मीद की किरण अभी बची हुई है और अगले 14 दिनों तक हम विक्रम से संपर्क स्थापित करने की कोशिश करेंगे.

ऑर्बिटर की उम्र 7 साल

मीडिया में दिए अपने एक इंटरव्यू में इसरो चीफ सिवन ने कहा कि ऑर्बिटर की लाइफ मात्र एक साल के लिए तय की गई थी, लेकिन ऑर्बिटर में मौजूद अतिरिक्त ईंधन की वजह से अब इसकी उम्र 7 साल लगायी जा रही है. इस दौरान इसरो के दूसरे अभियानों के बारे में उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 में आई दिक्कत का कोई असर इन मिशन पर नहीं पड़ेगा.

अपने इंटरव्यू में डॉ सिवन ने कहा कि इसरो के दूसरे अभियान तय समय पर होंगे. आपको बता दें कि भारत 2022 के लिए मिशन गगनयान पर काम कर रहा है. इस मिशन का मकसद अंतरिक्षयात्री को अंतरिक्ष में भेजना और उनकी सुरक्षित वापसी कराना है. इसरो के वैज्ञानिक पी जी दिवाकर ने कहा कि चंद्रयान और गगनयान का अलग लक्ष्य और अलग वैज्ञानिक उपलब्धि है. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा