राजधानी दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में भीषण आग लग गई. एम्स अस्पताल में लगी आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है. पहले आग पहली मंजिल से होते हुए दूसरे फ्लोर पर लगी थी. जिसके बाद दमकल की करीब 34 गाड़ियों की मदद से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया था. लेकिन कुछ देर बाद आग तीसरी मंजिल से होते हुए पांचवी मंजिल तक पहुंच गई. ऐसे में काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया.

किसी के हताहत होने की खबर नहीं

इस पूरी घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. आग एम्स के टीचिंग ब्लॉक में लगी थी. फायर डिपार्टमेंट की 34 गाड़ियां और करीब 150 दमकल कर्मियों की मदद से आग पर काबू पाया गया. एहतियात के तौर पर एम्स का इमरजेंसी विभाग बंद कर दिया गया और अच्छी बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई मरीज हताहत नहीं हुआ.

दिल्ली के सीएम ने किया ट्वीट

आपको बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली गंभीर हालत में एम्स में भर्ती हैं. वह आग लगने की जगह से करीब 500 मीटर की दूरी पर दूसरे ब्लॉक में थे. वहां राष्ट्रपति, पीएम मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और अन्य वीवीआईपी का आना जाना लगा है. आग लगने के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की तरफ से ट्वीट कर बताया गया की स्थिति को काबू कर लिया गया है.

13 मरीजों को किया रेस्क्यू

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार एम्स के टीचिंग ब्लॉक में ओपीडी और न्यूरोलॉजी ब्लॉक भी है. घटना के वक्त ओपीडी ब्लॉक में ज्यादा मरीज मौजूद नहीं थे. लेकिन उसके साथ वाले ब्लॉक से 13 मरीजों को रेस्क्यू किया गया था और 7 मरीज वेंटिलेटर पर भी थे. जिन्हें शिफ्ट किया गया. वेंटिलेटर शाफ्ट की वजह से आग अंदर ही अंदर ऊपर तक फैल गई. 

बताया जा रहा है कि इमरजेंसी लैब में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी और आग पूरी लैब में फैल गई. यह वार्ड इमरजेंसी के करीब ही है. जिसकी वजह से तत्काल इमरजेंसी वार्ड को बंद कर दिया गया था. वार्ड के मरीजों को अन्य जगह पर शिफ्ट किया गया. आसपास के तमाम वार्ड में हजारों की संख्या में मरीज होते हैं जो देश के कोने-कोने से आए होते हैं. जिस इमारत में आग लगी थी वहां टीचिंग जैसे दूसरे कार्य होते हैं. आसपास की इमारतों को एहतियात के तौर पर खाली करा लिया गया है. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा