पोखरण पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का कहना है कि हमारी नीति रही है कि हम परमाणु हथियार का पहले प्रयोग नहीं करेंगे. लेकिन आगे क्या होगा यह परिस्थिति पर निर्भर करता है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पोकरण में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने यह बात कही.

राजनाथ सिंह ने दी श्रद्धांजलि

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की पहली पुण्यतिथि पर राजनाथ सिंह पहुंचे थे और श्रद्धांजलि देते हुए अटल जी के साथ साहसिक फैसले का जिक्र किया. इससे पहले उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धांजलि दी थी.

फेसबुक पर भी दी श्रद्धांजलि

उन्होंने लिखा था कि ‘अटलजी भारतीय राजनीति के एक ऐसे युग पुरुष थे जिन्होंने मूल्य एवं आदर्शों के साथ सुचिता और सुशासन की राजनीति को बढ़ावा दिया. उनका सबका साथ सबका विकास का भाव आज भी हम सबके लिए प्रेरणा है. अटल जी की प्रथम पुण्यतिथि पर मैं उन्हें नमन करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं’.

लंबी बीमारी के बाद हुआ था निधन

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का निधन लंबी बीमारी के बाद 16 अगस्त 2018 को हुआ था. उनके निधन के बाद बीजेपी ने उनकी अस्थियों को देश की 100 नदियों में प्रवाहित किया था और इसकी शुरुआत हरिद्वार में गंगा नदी में विसर्जन के साथ हुई थी. अपनी कविताओं और भाषणों के लिए हमेशा जाने वाले अटल बिहारी वाजपेई भाजपा के संस्थापकों में से एक थे.

3 बार प्रधानमंत्री बने थे अटल जी

अटल बिहारी वाजपेई सबसे पहले 1966 में 13 दिन के लिए प्रधानमंत्री बने थे. बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ गया था. जिसके बाद वह दूसरी बार 1998 में प्रधानमंत्री पद पर बैठे थे. सहयोगी पार्टियों के समर्थन वापस लेने की वजह से 13 महीने बाद 1999 में फिर आम चुनाव हुए थे. 13 अक्टूबर 1999 को वह तीसरी बार प्रधानमंत्री बने थे. इस बार उन्होंने 2004 तक अपना कार्यकाल पूरा किया था.

साल 2014 के दिसंबर महीने में अटल जी को भारत रत्न देने का ऐलान किया गया था. मार्च 2015 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने प्रोटोकॉल तोड़ा और अटल जी को उनके घर जाकर भारत रत्न से सम्मानित किया था. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा