जम्मू कश्मीर को लेकर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अगर जरूरत पड़ी तो मैं खुद श्रीनगर जाऊंगा. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने कहा कि जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट से एक रिपोर्ट मांगी गई है, जिसे देखने के बाद अगर लगा कि वहां जाना चाहिए तो मैं खुद वहां जाऊंगा.

सरकार से किया सवाल

जम्मू कश्मीर पर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई ने सरकार से सवाल किया है कि घाटी के हालात में सुधार करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं. जो भी कदम उठाए गए हैं उनकी जानकारी दी जाए. वही सुनवाई के दौरान सरकार ने बताया कि घाटी में एक भी गोली नहीं चलाई गई है, कुछ स्थानीय बैन लगे हुए हैं.

सरकार ने दिया कोर्ट को जवाब

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से हालात सामान्य करने के लिए कहा है. एससी ने सुनवाई के दौरान कहा कि कश्मीर में अगर तथा-कथित बंद है तो उससे जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय निपट सकता है. ऐसे में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कश्मीर स्थित सभी समाचार पत्र चल रहे हैं और सरकार हरसंभव मदद मुहैया करा रही है.

मीडिया को दिए गए ‘पास’

सरकार की तरफ से कहा गया है कि प्रतिबंधित इलाकों में पहुंचने के लिए मीडिया को ‘पास’ दिए गए हैं और पत्रकारों को फोन और इंटरनेट की सुविधा भी मुहैया कराई गई है. दूरदर्शन जैसे टीवी चैनल और अन्य निजी चैनल, एफएम नेटवर्क काम कर रहे हैं.

‘एक भी गोली नहीं चलाई’

साथ ही केंद्र सरकार ने कहा कि एक गोली भी नहीं चलाई गई और कुछ स्थानीय प्रतिबंध लगे हैं. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अटार्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल से कहा कि इन हलफनामों का विवरण दें और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रयास किए जाएं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा