लंबे वक्त से चल रही सुवनाई के बाद अयोध्या में विवादित भूमि को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. पांच जजों की संवैधानिक पीठ ने विवादित जमीन पर रामलला के हक में निर्णय सुनाया. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार को राम मंदिर बनाने के लिए तीन महीने में ट्रस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं.

मुस्लिम पक्ष के लिए SC का आदेश

कोर्ट की तरफ से कहा गया कि 02.77 एकड़ जमीन केंद्र सरकार के अधीन ही रहेगी. साथ ही साथ सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को नई मस्जिद बनाने के लिए अलग से पांच एकड़ जमीन देने के भी निर्देश हैं. इसके अलावा कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े और शिया वक्फ बोर्ड के दावों को खारिज कर दिया है. हालांकि निर्मोही अखाड़े को ट्रस्ट में जगह देने की अनुमति को स्वीकार कर लिया गया है.

फैसले पर प्रधानमंत्री ने कहा

रामजन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई ट्वीट किए. इनमें से एक में उन्होंने लिखा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है. इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.

पीएम मोदी ने कहा कि रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है. देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें.

मंदिर के पक्ष में कांग्रेस

इस मामले में कांग्रेस ने भी अपना रुख साफ कर दिया है. कोर्ट के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी की ओर से रणदीप सुरजेवाला ने प्रेसवार्ता कर कहा कि स्वाभाविक तौर पर आपके सवाल का जवाब हां में है, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण की पक्षधर है. सुरजेवाला ने कहा कि कोर्ट का फैसला आ चुका है, हम राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं. इस फैसले ने न केवल मंदिर के निर्माण के लिए दरवाजे खोले, बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए भाजपा और अन्य लोगों के लिए दरवाजे भी बंद कर दिए.

रक्षामंत्री ने की शांति की अपील

विवादित भूमि को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है. जनता से अपील है शांति बनाए रखें.

मोहन भागवत का बयान

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि अयोध्या फैसले का स्वागत, जय पराजय से जोड़कर न देखें. फैसले को जीत-हार से भी जोड़कर न देंखें. अयोध्या में मिलजुल कर भव्य मंदिर बनाएंगे. मोहन भागवत ने कहा कि राम मंदिर की लड़ाई में सहयोग और समर्पण को याद करते हैं.

श्रीश्री रविशंकर बोले

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से फैसला आने के बाद श्रीश्री रविशंकर ने भी कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, मैं इसका स्वागत करता हूं. यह मामला लंबे समय से चल रहा था और आखिरकार यह एक निष्कर्ष पर पहुंच गया है. समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखा जाना चाहिए.

‘ये कहां का इंसाफ है?’

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से कमाल फारुकी ने कहा कि इसके बदले हमें 100 एकड़ जमीन भी दे दें तो कोई फायदा नहीं है। हमारी 67 एकड़ जमीन पहले से ही एक्वायर की हुई है तो हमको दान में क्या दे रहे हैं? हमारी 67 एकड़ जमीन लेने के बाद पांच एकड़ दे रहे हैं. ये कहां का इंसाफ है?. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा