अमित शाह का बड़ा बयान

नागरिकता संशोधन कानून पर इन दिनों देश में बवाल छिड़ा हुआ है. राजनीति भी इस मुद्दे पर अपने चरम पर पहुंच गई है. ऐसे में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जारी प्रदर्शन के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने बयान दिया है. ये बयान उन्होंने दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान दिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि बाहर से आए अल्पसंख्यक शरणार्थियों को हमारी सरकार नागरिकता जरूर देगी. विपक्ष को जो राजनीतिक विरोध करना है वो करें. बीजेपी और मोदी सरकार अडिग है. अमित शाह ने कहा कि शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी. वे भारत के नागरिक बनेंगे और सम्मान के साथ दुनिया में रहेंगे.

‘विपक्ष कर रहा गुमराह’

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष देश के लोगों को गुमराह कर रहा है. मैं दोहराता हूं कि किसी भी अल्पसंख्यक समुदाय के किसी भी व्यक्ति की नागरिकता छीनने का कोई सवाल ही नहीं है. विधेयक में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है.

कांग्रेस पर बड़ा वार

कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस पर बड़ा हमला किया. उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस पार्टी से कहना चाहता हूं कि यह नेहरू-लियाकत समझौते का हिस्सा था, लेकिन 70 साल से लागू नहीं हुआ, क्योंकि आप वोट बैंक बनाना चाहते थे. हमारी सरकार ने संधि को लागू किया है और लाखों-करोड़ों लोगों को नागरिकता दी है.

राष्ट्रपति से मिला विपक्ष

वहीं इससे पहले विपक्षी दल के नेता इसे वापस लेने के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिले. राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद सोनिया गांधी ने कहा कि नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों और दिल्ली में हालात तनावपूर्ण हैं. हमने राष्ट्रपति से मामले में दखल देने को कहा है. इस दौरान कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष ने कहा कि पुलिस जामिया यूनिवर्सिटी में छात्राओं के हॉस्टल में घुसी. प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक हक है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता की आवाज दबा रही है. वहीं टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि हमने राष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि वह सरकार को तुरंत नागरिकता संशोधित कानून को वापस लेने की सलाह दें. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा