नागरिकता संशोधन कानून पर बवाल

नागरिकता कानून संशोधन कानून को लेकर अब बवाल काफी ज्यादा बढ़ गया है. इस कानून को लेकर दिल्ली के उत्तर पूर्वी दिल्ली में हालात इतने बिगड़ गए हैं कि एक महीने के लिए धारा 144 लगा दी गई है. मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सोमवार से जारी हिंसा में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है.

दिल्ली में खराब हुए हालात

जानकारी के अनुसार मौजपुर और ब्रह्मपुरी इलाके में मंगलवार को भी पत्थरबाजी हुई. दिल्ली हिंसा में अबतक मरने वाले 10 लोगों में हेड कॉन्स्टेबल रतनलाल भी शामिल हैं. नॉर्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा में अब तक 150 लोग घायल हैं. नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हालात तनावपूर्ण है. यहां हालात पर काबू करने के लिए बड़ी तादाद में पुलिस तैनात है.

10 की मौत, कई घायल

यहां हालात इतने ज्यादा खराब है कि मंगलवार सुबह-सुबह पांच मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया. वहीं देर रात से सुबह तक मौजपुर और उसके आस-पास इलाकों में आगजनी के 45 कॉल आए, जिसमें दमकल की एक गाड़ी पर पथराव किया गया, जबकि एक दमकल की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया.

सीएम केजरीवाल की अपील

वही इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लोगों से शांति बनाए रखने के लिए अपील की है. उनका कहना है कि ‘दिल्ली में हम सभी को मिल कर फिर से शांति बहाल करनी है. सरकार की तरफ़ से हम हर कदम उठा रहे हैं’. इस मामले में उन्होंने ट्वीट किया कि ‘दिल्ली में जल्द से जल्द शांति बहाल हो, लोग हिंसा को ठुकराए इसलिए राजघाट पर प्रार्थना की. इस कठिन समय में हमें महात्मा गांधी जी से प्रेरणा ले कर अहिंसा को अपनाना है. हिंसा से कुछ हासिल नहीं होगा’.

‘छतों से भी हुआ पथराव’

जानकारी है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस के डीसीपी ने कहा कि लोगों ने छतों से भी पथराव किया. हिंसा वाले इलाके में भारी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती है. किसी को भी कानून को हाथ में लेने की इजाजत नहीं है.उन्होंने बताया कि हिंसा के मामले में 11 FIR दर्ज की गई हैं, वहीं कई लोगों को हिरासत में लिया गया है.

56 पुलिसकर्मी घायल

डीसीपी मंदीप सिंह रंधावा ने बताया कि नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हिंसक प्रदर्शन में अब तक 10 लोगों की मौत हुई है. इस हिंसक प्रदर्शन में 56 पुलिसवालों को चोटें लगी हैं. उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि अफवाहों पर ध्यान ना दें. आप हालात का अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि एक पत्रकार को गोली लगी है. वह हिंसा की खबर कवरेज कर रहे थे. उन्हें जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार जाफराबाद में फैक्ट्रियों में काम करने वाले कारीगर पलायन कर रहे हैं, ये लोग जाफराबाद इलाके में हुए दंगों से डरे हुए हैं. अपने घरों को लौट रहे लोगों का कहना है कि हालात सामान्य होने तक के लिए जा रहे हैं. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.