चारों के खिलाफ डेथ वारंट जारी

निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों का नया डेथ वारंट कोर्ट ने जारी कर दिया है. चारों दोषियों को अब 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी. वही इससे पहले इससे पहले मामले में दोषी मुकेश की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने खारिज कर दिया. पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाने की तारीख तय की थी. इसके बाद दोषी मुकेश सिंह ने राष्ट्रपति के सक्षम दया याचिका लगाई थी. जिसके बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा निर्भया के दोषी मुकेश सिंह की दया याचिका खारिज होने के बाद कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी किया है.

याचिका की थी खारिज

इससे पहले शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने निर्भया कांड के दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज कर दी थी. ऐसे में गृह मंत्रालय ने राष्ट्रपति कोविंद के पास दया याचिका की फाइल भेजी थी और उसे खारिज करने की सिफारिश की थी. हालांकि अदालत निर्भया के चारों दोषियों को फांसी की सजा पहले ही सुना चुकी है.

आशा देवी का बयान

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार इस मामले में नया डेथ वारंट जारी होने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि ‘जब तक दोषियों को फांसी पर नहीं लटका दिया जाता है, तब तक मेरी बेटी को न्याय नहीं मिलेगा. मुझको पिछले सात साल से तारीख पर तारीख दी जा रही है. हमारा सिस्टम ऐसा है कि जहां दोषी की सुनी जाती है. हर जगह निर्भया के गुनहगारों का ही मानवाधिकार देखा जा रहा है. हमारा मानवाधिकार कोई नहीं देख रहा है’.

साल 2012 का है मामला

ये मामले 16 दिसंबर 2012 का है. इस तारीख को हुए निर्भया कांड ने पूरे देश में गुस्से का माहौल बना दिया था. 23 वर्षीय निर्भया के साथ चलती बस में गैंगरेप किया गया था और उसकी बुरी तरफ पिटाई की थी. बाद में अस्पताल में निर्भया की मौत हो गई थी.

इस कांड के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से एक नाबालिग था. नाबालिग को किशोर अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जबकि राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी. इसके अलावा बाकी 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई है.  ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.