पीएम मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

कोरना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते पीएम मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की. इस बातचीत में उन्होंने सभी से इस बात का फीडबैक लिया कि क्या कोविड-19 के प्रकोप को रोकने के लिए 14 अप्रैल को खत्म हो रहे 21 दिनों के लॉकडाउन को बढ़ाना चाहिए या नहीं. केंद्र सरकार ने महामारी के प्रसार को रोकने के प्रयासों में लगे हुए सभी संबंधित एजेंसियों और हितधारकों से इस मुद्दे पर विचार प्राप्त किए हैं.

मुख्यमंत्रियों के साथ की बातचीत

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के बीच वार्तालाप ऐसे वक्त में हुई है जब माना जा रहा है कि सरकार देशभर में लागू लॉकडाउन को कुछ संभावित छूट के साथ बढ़ा सकती है. पंजाब और ओडिशा पहले ही अपने राज्यों में जारी लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा चुके हैं.

क्या बढ़ेगा लॉकडाउन ?

हालांकि देश में जारी लॉकडाउन आने वाले मंगलवार को खत्म हो रहा है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विभिन्न पहलुओं पर राज्य सरकारों से विचार मांगे हैं, जिसमें यह जानकारी भी शामिल है कि क्या अधिक लोगों और सेवाओं को छूट दी जानी चाहिए. वर्तमान में जारी लॉकडाउन में केवल जरूरी सेवाओं को छूट दी गई है. यह दूसरी बार है जब प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन के बाद मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत की है.

सीएम केजरीवाल ने कहा

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ वीडियो कॉन्फ्रेस में पूरे भारत में 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ाने का सुझाव दिया है. इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के जिलाध्यक्ष से बातचीत में कहा था कि मास्क तैयार करने के लिए अनावश्यक पैसा खर्च करने की जरुरत नहीं है. पूर्वांचल में तो कंधे पर तौलिया व गमछा रखने की परंपरा है, इसे जारी रखें और इसी से मुंह ढकने के लिए लोगों को जागरूक करें. आपको बता दें कि जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा ने पीएम मोदी को मास्क बांटने के बारे में बताया तो प्रधानमंत्री ने कहा था कि अनावश्यक पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है.  ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.