सोनिया गांधी की चिट्ठी

दुनिया के कई देश इन दिनों कोरोना वायरस की मार झेल रहे हैं. भारत में कोरोना के कारण लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है. खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी दलों के नेताओं से कुछ दिनों पहले फोन पर कोरोना वायरस को लेकर बात की थी. ऐसे में विपक्ष की तरफ से आरोप प्रत्यारोप की सिलसिला जारी है. विपक्ष का आरोप रहा है कि सरकार ने महामारी से निपटने के इंतजाम समय रहते नहीं किए.

पीएम को भेजी चिट्ठी

इस कड़ी में कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने भी अपने सुझाव लिखकर पीएम को भिजे हैं. पीएम की भेजी गई चिट्ठी में सरकार पर निशाना भी साधा हुआ दिख रहा है. राजस्‍थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत कहते हैं कि लॉकडाउन हटाने का फैसला राज्‍यों पर छोड़ना चाहिए. सोनिया अपनी चिट्ठी में पीएम को सलाह देती हैं कि COVID-19 को छोड़कर सभी तरह के सरकारी मीडिया विज्ञापनों पर रोक लगे. वह भी कम से कम दो साल तक.

सरकार पर निशाना

चिट्ठी में उन्‍होंने गिनाया कि केंद्र सरकार हर साल 1250 करोड़ विज्ञापनों पर खर्च करती है, इससे 2500 करोड़ बचेंगे. 20 हजार करोड़ रुपये खर्च कर संसद की नई इमारत बनाने को उन्‍होंने इसे ‘फिजूलखर्ची’ कहा है. सोनिया ने व्‍यय बजट में 30 प्रतिशत की कटौती को तीसरे सुझाव के रूप में रखा है. उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और ब्‍यूरोक्रेट्स की विदेश यात्राओं पर तत्‍काल रोक लगे. सोनिया अपनी चिट्ठी में इस बात से बेहद नाराज दिखीं कि प्रधानमंत्री राष्‍ट्रीय आपदा कोष (PMNRF) होते हुए PM CARES फंड बनाया गया.

‘PMNRF में किया जाए पैसा ट्रांसफर’

चिट्ठी के अनुसार उन्‍होंने मांग उठाई है कि पीएम केयर्स में आए सभी रुपयों को PMNRF में ट्रांसफर किया जाएगा इससे ऑडिट भी संभव हो सकेगा कि पैसा कहां गया. सोनिया ने कहा कि फंड्स के लिए दो अलग-अलग इकाइयां बनाने का कोई तुक समझ नहीं आता. उन्‍होंने PMNRF में पड़े 3,800 करोड़ रुपयों की भी याद पीएम मोदी को दिलाई है. देश के अधिकतर राज्यों के मुख्‍यमंत्री लॉकडाउन जारी रखने के पक्षधर हैं. ऐसे में राजस्‍थान सीएम अशोक गहलोत ने राज्‍यों को लॉकडाउन पर फैसला लेने का अधिकार मांगा है.

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार गहलोत ने कहा कि राज्यों को 14 अप्रैल के बाद लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लेने का अधिकार मिलना चाहिए. अन्‍य राज्‍यों के मुख्‍यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी से इस बारे में फैसला लेने की अपील की है. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि देश से 21 दिन का लॉकडाउन अचानक नहीं हटाया जा सकता. उन्‍होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से ही लॉकडाउन हटाया जा सकता है.

जानकारी है कि गहलोत ने कहा कि ‘अगर लॉकडाउन हटता भी है तो एक बार में नहीं हटेगा. हमने कम से कम 40 जगह कर्फ्यू लगाया है. वहां खुलेगा नहीं एक साथ में’. आपको बता दें कि कांग्रेस अध्‍यक्ष ने इस महीने की शुरुआत में लॉकडाउन को जरूरी मगर बगैर तैयारी के उठाया गया कदम करार दिया था. उन्‍होंने कहा था कि टेस्ट करने से ही इस बीमारी से पार पाया जा सकता है, जिसका देश में अभाव है. जानकारी है कि सोनिया गांधी ने कहा था कि ‘21 दिन का देशव्यापी लॉकडाउन हो सकता है जरूरी हो, लेकिन इसे बगैर तैयारी के साथ लागू किया गया, जिससे अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हुआ और पूरे भारत में लाखों प्रवासी मजदूरों को परेशानी का सामना करना पड़ा’. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.