रैपिड टेस्ट किट पर रोक

कोरोना का कहर इन दिनों पूरी दुनिया के उपर है. भारत में लगातार कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़ रही है. इस बीच इस घातक वायरस के टेस्ट के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने राज्यों को दिए गए रैपिड टेस्ट किट से परीक्षण पर अगले दो दिनों के लिए रोक लगा दी गई है.

ICMR ने लगाई ने लगाई रोक

ICMR ने बताया कि कोरोना के टेस्ट के दौरान आईटीपीसीआर के पॉजिटिव सैंपल्स में ज्यादा वेरिएशन आ रही है. अब इन रैपिड टेस्ट किट्स का परीक्षण आईसीएमआर के 8 इंस्टीट्यूट फील्ड में जाकर करेंगे. उसके बाद नई गाइडलाइन जारी की जाएगी. मीडिया में चल रही खबरों की मानें तो आईसीएमआर के वैज्ञानिक के आर. गंगाखेड़कर ने कहा कि हमारे द्वारा सभी राज्यों में रैपिड टेस्ट किट का डिस्ट्रिब्यूशन हुआ था. एक राज्य से शिकायत आई थी कि इन किट्स से कम डिटेक्शन हो रहा है. 3 स्टेट से पूछने के बाद हमको पता चल रहा है कि आईटीपीसीआर के पॉजिटिव सेंपल्स में वेरिएशन ज्यादा है. खबरों के मुताबिक उन्होंने बताया कि आईटीपीसीआर पॉजिटिव सेंपल्स में कई जगहों पर 6 फीसदी से 71 तक वैरिएशन आ रही है. यह अच्छी चीज नहीं है.

क्या थी वजह

मीडिया मे चल रही खबरों के अनुसार उन्होंने कहा कि वेरिएशन ज्यादा दिखने पर उसे इन्वेसिगेट करना होगा इसके बावजूद कि वह फर्स्ट जनरेशन एलाइजा है. उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण को लेकर 3.5 महीने हो चुके हैं. जो भी चीज आएगी उसे आगे डिफाइन करना जरूरी पड़ेगा. हमने निर्णय किया कि इस फाइंडिंग को नजरअंदाज करना सही नहीं रहेगा. अगले दो दिनों में हमारे 8 इंस्टीट्यूट फील्ड में जाएंगे. जो किट्स हैं उनमें से लॉट्स लेकर फील्ड में वैलिडेशन किए जाएंगे. इसके बाद ही राज्यों को नए निर्देश दिए जाएंगे. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.