एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा

पूरी दुनिया में तहलका मचाने वाले कोरोना वायरस के मामले देश में लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं. कोरोना के कारण देश में लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है. लेकिन बावजूद इसके इससे संक्रमित मरीजों की संख्या में कमी नहीं हो रही है. इस बीच एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जून के महीने में कोरोना वायरस के मामले सबसे ज्यादा होंगे. मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन का फायदा मिला है और लॉकडाउन में कोरोना के केस ज्यादा नहीं बढ़े.

लॉकडाउन से मिला फायदा

एक मीडिया संस्थान को दिये अपने इंटरव्यू में उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन का फायदा मिला है. लॉकडाउन की वजह से ही मामले ज्यादा नहीं बढ़े. दूसरे देशों के मुकाबले भारत में कम मामले बढ़े हैं. अस्पतालों ने लॉकडाउन में अपनी तैयारी कर ली है. डॉक्टर्स को प्रशिक्षण दिए गए हैं. पीपीई किट्स, वेंटिलेटर और जरूरी मेडिकल उपकरणों के इंतजाम हुए हैं. कोरोना की जांच बढ़ी है. कब तक कोरोना के मामले चलेंगे, कितना लंबा यह चलेगा, यह अभी से नहीं कह सकते. लेकिन इतना जरूर है कि जब पीक पर कोई चीज होती है तो वहीं से वह डाउन होनी शुरू होती है. अब उम्मीद यही करते हैं कि जून में जब कोरोना के मामले पीक पर होंगे तो उसके बाद मामले धीरे-धीरे डाउन होना शुरू होंगे.

आंकड़ा 52 हजार के पार

जानकारी के लिए आपको बता दें कि देश में हर दिन कोरोना से संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है. अब तक 52 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों की पुष्टि हो चुकी है. इसके साथ ही कोरोना वायरस के कारण होने वाली मौतों में भी इजाफा देखने को मिला है. देश में अब तक 1783 लोगों की मौत कोरोना वायरस के कारण हो चुकी है. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.