सीएम केजरीवाल ने जताई चिंता

पूरी दुनिया के लिए सिर दर्द बन चुका कोरोना वायरस रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. भारत में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है. इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राजधानी में संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफे पर चिंता जताई.

लॉकडाउन में नहीं दी जाएगी ढील

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम केजरीवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं, जिनमें वायरस का कोई लक्षण दिखाई नहीं देता. यह स्थिति चिंताजनक है. इसे ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी. एक हफ्ते बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी. उस समय जो भी परिस्थितियां होंगी, उसके हिसाब से फैसला लिया जाएगा.

‘मिलकर मुकाबला करना है’

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन में 20 अप्रैल से कई सेवाओं में छूट दी है. कई राज्य केंद्र की गाइडलाइन के मुताबिक, कई गतिविधियां शुरू कर भी रहे हैं. लेकिन देश की राजधानी में यह होते नहीं दिखता. केजरीवाल ने कहा कि इससे न दहशत में आने और न घबराने की जरूरत है. हमें कोरोना से मिलकर मुकाबला करना है.

प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री ने कहा कि शनिवार को दिल्ली में 736  सैंपल की जांच की गईं और इनमें से 186 पॉजिटिव मिले जो कुल का 25% है. यह संख्या बहुत ज्यादा है. उन्होंने माना कि निजामुद्दीन स्थित मरकज की वजह से दिल्ली में मामले बढ़े हैं. इसके साथ राजधानी में अब कुल संक्रमितों की संख्या 1893 हो गई. मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दिल्ली में 77 नियंत्रण जोन है. इनमें भी लिए गए सैंपल में पाया गया की मामले बढ़े हैं. इन क्षेत्रों में भी लोग एक दूसरे के घरों में जा रहे हैं, जिन इलाकों में लोगों ने लॉकडाउन का पालन नहीं किया, वहां मामले बढे हैं’. दिल्ली कोरोना की सबसे मुश्किल लड़ाई लड़ रहा है और राजधानी में विदेशों से सबसे अधिक लोग आए और इसकी वजह से भी कोरोना की बडी मार दिल्ली पर पड़ी है.