आपको 80 के दशक में आई रामायण की मंथरा तो याद ही होगी. या फिर हिंदी सिनेमा की दमदार खलनायिका जिसने आज भी लोगों के दिलों में जगह बनाए रखी है. हम बात कर रहे हैं ललिता पवार की जिनका 18 अप्रैल को होता है हैप्पी बर्थडे. ललिता बॉलीवुड की ऐसी अभिनेत्री रही हैं जिन्होंने बॉलीवुड में पहली बार बिकिनी पहनी थी. उनकी लाइफ में एक बड़ा हादसा होने के बावजूद भी उन्होंने कभी रुकना नहीं सीखा.

मंथरा से जीत लिया लोगों का दिल

18 अप्रैल 1916 को नासिक में जन्मी ललिता पवार ने बचपन से ही काम करना शुरु कर दिया था. महज 9 साल की उम्र में ललिता ने फिल्म राजा हरिश्चंद्र से बॉलीवुड में एक चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर अपना डेब्यु किया था. 40 के दशक में ललिता ने लीड एक्ट्रेस के तौर पर काम करना शुरु कर दिया था. उस टाइम की वो ऐसी पहली अभिनेत्री थी जिन्होंने बिकिनी पहनी. साथ ही उन्होंने किसिंग सीन भी दिया था. ललिता ने अपनी बोल्डनेस औऱ ग्लैमरस अवतार से सबको हैरान कर दिया था. ललिता ने लगभग 700 फिल्मों में काम किया. 7 दशको तक सिनेमा में काम करने के बाद ललिता ने 24 फरवरी 1998 को हम सभी को अलविदा कह दिया.

एक थप्पड़ ने छीन ली खूबसूरती

बात 1942 की है जब ललिता फिल्म जंग-ए-आजादी की शूटिंग कर रही थीं. एक सीन के दौरान उनके को-एक्टर भगवान दादा को थप्पड़ मारना था. लेकिन थप्पड़ इतनी ज़ोर से लगा की ललिता ज़मीन पर गिर गई. उसके बाद डॉक्टर की दवाई के रिएक्शन की वजह से उनके बाएं हिस्से में लकवा मार गया. बाएं तरफ से ललिता की आंख और चेहरा पूरी तरह खराब हो गया. जिसके बाद वो खलनायिका के रोल प्ले करने लगी. जिसमें सबसे ज़्यादा चर्चित औऱ पसंद किया जाने वाला रामायण का मंथरा है. फिल्‍म रामशास्त्री में गुस्सैल सांस का भी किरदार खूब पसंद किया गया.

ललिता का असली नाम अंबा लक्ष्मण

ललिता का असली नाम अंबा लक्ष्मण राव शागुन था. उनके पिता एक बिज़नेसमैन थे जो सिल्क औऱ कॉटन का काम बिज़नेस करते थे. ललिता के जन्म से रिलेटेड बहुत ही इंटरेस्टिंग बात जो बहुत कम लोगों को पता होगी. दरअसल ललिता का नाम अंबिका रखा गया क्योंकि उनका जन्म अंबा देवी मंदिर में हुआ था. ललिता की मां अनुसूया मंदिर गई हुई जंहा उन्हे लेबर पेन शुरु हो गया जिसके बाद उन्होंने मंदिर में ही ललिता को जन्म दिया. मंदिर में हुई इस अभिनेत्री ने अपने अभिनय औऱ सिंगिंग से दशको तक लोगों का दिल जीता.