भड़काऊ बयान के बाद राजनीति

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता वारिस पठान द्वारा दिया गया भड़काऊ भाषण के बाद राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है. इस मामले में भारतीय जनता पार्टी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा है कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान घृणा की राजनीति हो रही है. पात्रा ने AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी के मंच पर लगे ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद’ के नारे का जिक्र करते हुए कहा कि पूरे देश में नफरत फैलाने की कोशिश की जा रही है.

संबित पात्रा का वार

यह सब कुछ उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा है. बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि ‘पाकिस्तान जिन्दाबाद का नारा लगाने वाले से तो माइक छीन लिया गया, लेकिन वारिस पठान के भाषण पर माइक क्यों नहीं छीना गया. उस वक्त भी मंच पर ओवैसी मौजूद थे. जब मंच के पीछे सिखाया जाता है, तो मंच के आगे हकीकत निकल जाती है’.

‘ओवैसी की नीयत में खोट है’

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान संबित पात्रा ने कहा कि ‘ओवैसी की नीयत में खोट है’. बीजेपी प्रवक्त ने कहा कि ‘CAA के विरोध में पूरे देश में घृणा की राजनीति के लिए कुछ लोग जो कर रहे हैं, हम आज उसका उदाहरण लेकर आए हैं. देश में हो रहे इस पूरे प्रोटेस्ट का अगर कोई तथाकथित लीडर है तो वो असदुद्दीन ओवैसी और एआईएमआईएम पार्टी है. हमें बताएं कि आपको कौन सी आजादी चाहिए. आखिर 15 करोड़ बनाम 100 करोड़ की बात क्यों की जा रही है’.

संबित पात्रा ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि ‘ये लोग CAA के नाम पर लोगों में भ्रम फैला रहे हैं. इनके हाथ में संविधान है, लेकिन दिल में वारिस पठान है हम नहीं चाहते कि अतीत में जो इस देश ने झेला है, वह फिर से ऐसे किसी साजिश का शिकार हो जिससे देश की अखंडता पर आंच आए’.

असदुद्दीन ओवैसी ने लिया एक्शन

ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के नेता वारिस पठान द्वारा दिया गया भड़काऊ भाषण के बाद राजनीति अपने चरम पर पहुंच गई है. इस मामले में अब पार्टी प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक्शन लिया है. मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार भड़काऊ बयान देने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने वारिस पठान के मीडिया से बात करने पर रोक लगा दी है. जिसके बाद अब पार्टी द्वारा इजाजत देने तक वह सार्वजनिक तौर पर कोई बयान नहीं दे सकते हैं.

बयान देने से लगाई रोक

वारिस पठान की बात की जाए तो उन्होंने नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ कर्नाटक के गुलबर्गा में जनसभा के दौरान विवादित बयान दिया था. उनके बयान के बाद लगातार राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है. वारिस पठान  ने कहा था कि ‘हम 15 करोड़ ही 100 करोड़ लोगों पर भारी हैं. यह बात याद रख लेना’. बयान के बाद वारिस पबठान की काफी आलोचना की जा रही है. इस मामले में असदुद्दीन ओवैसी की तरफ से बयान की निंदा की जा चुकी है.

वारिस पठान का बयान

गौरतलब है कि वारिस पठान AIMIM के प्रवक्ता हैं और हिन्दी पट्टी में पार्टी का जाना-माना चेहरा हैं. रैली में वारिस पठान ने कहा था कि ‘हमने ईंट का जवाब पत्थर से देना सीख लिया है. मगर हमको इकट्ठा होकर चलना पड़ेगा. आजादी लेनी पड़ेगी और जो चीज मांगने से नहीं मिलती है, उसको छीन लिया जाता है’. ऐसे में जब वारिस पठान के बयान पर बवाल हुआ था तो उन्होंने सफाई भी दी. अपनी सफाई में उन्होंने कहा कि मैंने किसी धर्म का नाम नहीं लिया और ना ही किसी के खिलाफ कुछ कहा.

 तेजस्वी का वार

आपको बता दें कि वारिस पठान के बयान के बाद हो रही राजनीति के बीच बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी वारिस पठान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. तेजस्वी का कहना था कि उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लेना चाहिए. तेजस्वी ने इसी के साथ बीजेपी पर भी निशाना साधा था और कहा था कि AIMIM बीजेपी की बी टीम की तरह काम कर रही है. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.