कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम को जमानत मिलने के बाद अब आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी शुरू हो गया है. इस कड़ी में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी चिदंबरम पर अदालत की जमानत शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.

जावड़ेकर का आरोप

जावड़ेकर ने कहा कि उन्होंने जमानत पर रिहा होने के अगले दिन ही अदालत के फैसले पर टिप्पणी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन किया है. जावड़ेकर ने संसद भवन परिसर में मीडिया को बताया कि ‘उच्चतम न्यायालय ने चिदंबरम को जमानत देते हुए कहा था कि वह विचाराधीन मामले के बारे में कोई सार्वजनिक बयान नहीं देंगे, लेकिन चिदंबरम ने आज ये बयान दिया कि बतौर मंत्री उनका रिकॉर्ड बिल्कुल साफ है’.

SC के आदेश का उल्लंघन का आरोप

मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ‘चिदंबरम के खिलाफ यही तो आरोप है कि उन्होंने मंत्री पद पर अपना कर्तव्य निभाते हुए भ्रष्टाचार किया, उनके खिलाफ यही तो मुकदमा है. चिदंबरम खुद ही स्वयं के निर्दोष होने का प्रमाणपत्र दे रहे हैं. यह अदालत की शर्तों का उल्लंघन है.’

‘अदालत की शर्तों का उल्लंघन’

जावड़ेकर ने चिदंबरम के जम्मू-कश्मीर में आजादी नहीं होने के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘आजादी तो 1975 में नहीं थी जब देश में प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म करके सेंसरशिप लगाई थी. आज जम्मू-कश्मीर में समाचार पत्रों का प्रकाशन और समाचार चैनलों का प्रसारण नियमित रूप से हो रहा है.’

चिदंबरम के बयान पर पलटवार

मीडिया से बातचीत के दौरान जावड़ेकर ने अर्थव्यवस्था को बदहाली के दौर में बताये जाने के चिदंबरम के बयान परकहा कि ‘मैं एक ही बात पूछता हूं कि आपके समय में ऊंची मंहगाई दर पर धीमी आर्थिक वृद्धि दर वाली अर्थव्यवस्था थी. दस फीसदी से ज्यादा मंहगाई दर और पांच छह प्रतिशत वृद्धि दर थी. अब मंहगाई पिछले पांच वर्ष में चार फीसदी रही है, बाढ़ और असामयिक वर्षा के कारण प्याज का संकट तात्कालिक है’. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा