सेना प्रमुख का बयान

देश में इन दिनों नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बवाल मचा हुआ है. तरह तरह की राजनीतिक बयानबाजी के बीच भारतीय सेना प्रमुख का बयान अब सामने आया है. सेना प्रमुख बिपिन रावत ने नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन पर विश्वविद्यालय और कॉलेजों के प्रदर्शनकारी छात्रों को लेकर बयान दिया है.

CAA को लेकर दिया बयान

मीडिया में चल रही खबरों के अनुसार वह एक इवेंट में पहुंचे थे. जहां कहा कि ‘नेता वे नहीं हैं जो गलत दिशा में लोगों का नेतृत्व करते हैं. जैसा कि हम लोग गवाह रहे हैं कि बड़ी संख्या में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों ने शहरों और कस्बों में आगजनी और हिंसा करने के लिए जन और भीड़ का नेतृत्व कर रहे हैं. यह नेतृत्व नहीं है’.

‘जवानों को सम्मान देना चाहता हूं’

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने कहा कि ‘जब हम दिल्ली में खुद को सर्दी से बचाने के लिए पोशाक पहने खड़े हैं, मैं अपने उन जवानों को सम्मान देना चाहता हूं, जो सियाचिन में साल्तोरो ब्रिज पर मुस्तैद खड़े हैं, और उन्हें भी, जो ऊंचाइयों पर मौजूद पोज़ीशन पर पहरा दे रहे हैं, जहां तापमान -10 से -45 डिग्री रहता है’.

नागरिकता संशोधन बिल

जानकारी के लिए बता दें कि नागरिकता संशोधन बिल लोकसभा में 9 दिसंबर, 2019 को पास होने के बाद 11 दिसंबर, 2019 को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने पेश किया जहां एक लंबी बहस के बाद यह बिल पास हो गया.

विरोध के दौरान हिंसा

वही कानून पास होने के बाद 5 दिसंबर को इस कानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई. इस प्रदर्शन में कई छात्रों समेत पुलिस के कुछ जवान भी घायल हो गए. जामिया की घटना के अगले दिन 16 दिसंबर, 2019 को नागरिकता संशोधन कानून को लेकर सीलमपुर में जमकर प्रदर्शन हुए. 17 दिसंबर को देश के दूसरे हिस्‍सों में भी प्रदर्शन शुरू हो गए. ऐसी रोचक जानकारी के लिए पढ़ें हमारे लेटेस्ट आर्टिकल. अधिक जानकारी के लिए विजिट करें हमारा फेसबुक पेज.

प्रदीप शर्मा