कई बार आपको ठीक से नींद नहीं आ रही होती होगी. तो कभी बहुत थकान महसूस होने लगती होगी. ऐसे कई कारण हैं जिनकी वजह से हमे तनावपूर्ण स्थिति से गुज़रना पड़ता है. कई बार हममे से ज़्यादातर लोग इसे दिनभर के काम की वजह भी मान लेते हैं. लेकिन आपकी थकान का कारण एनीमिया और डायबिटीज़ भी हो सकता है.

एनीमिया हो सकता है कारण

फाइब्रोमायल्गिया, एनीमिया और अवसाद आपकी थकावट का कारण बन सकते हैं. वहीं आपकी थकावट का कारण कोई एलर्जी भी हो सकती है. कई बार मौसम में बदलाव भी थकान का कारण बनते हैं. नींद ना आने की बहुत बड़ी वजह स्लीप एपनिया भी हो सकती है जो एक ऐसी बिमारी है जिसमें आपके खून में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है. इसके चलते व्यक्ति को अच्छी नीदं नहीं आ पाती है और वो थका हुआ महसूस करता है.

दिल की बिमारी उड़ा देती है नींद

कई लोगों को थोड़ा सा चलने या कोई काम करने की वजह से सांस की तकलीफ होने लगती है. लेकिन इसके पीछे हृदय संबंधी कोई बिमारी भी हो सकती है. इसीलिए कहते हैं की आपकी थकान आपके दिल से जुड़ी भी हो सकती है. अगर आपको सांस की दिक्कत की वजह से नींद नहीं आ रही है. या आप बहुत लंबी लंबी सांसे लेते हैं और थकान महसूस कर करते हैं. तो ऐसे में डॉक्टर को तुरंत दिखाएं.

डायबिटीज़ से होती है थकान

थकान का एक बड़ा कारण डायबिटीज़ भी हो सकती है. आपके खून में शुगर का लेवल बहुत ज़्यादा होना आपको बड़ी थकावट दे सकता है. अपने जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखने के लिए इसका सही समय पर इलाज कराएं. अगर आपके काम करने की क्षमता कम हो रही है और आप डिप्रेशन महसूस कर रहे हैं तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं.

क्या है बचाव

थकान को दूर करने के लिए सबसे पहले हर रोज़ एक्सरसाइज़ करना शुरु कर दें. डीप ब्रीथिंग वाली एक्सरसाइज़ आपको शांत रखने में काफी कारगर साबित हो सकती है. अपने भोजन में हरी सब्जियां और फल ज़्यादा शामिल करें. सुबह के ब्रेकफास्ट में दलिया ज़रुर शामिल करें. आपके नाश्ते में शुगर औऱ फैट की मात्रा कम हो इस बात का ध्यान ज़रुर रखें. अपने सोने और उठने का एक टाइम टेबल बनाएं. पानी की मात्रा को बढ़ा दें. अगर बहुत ज़्यादा चाय या कॉफी पीते हैं तो उसे थोड़ा कम कर दें. एनर्जी लाने के लिए एनर्जी ड्रिंक्स पीना ना शुरु कर दें. ये आपको कुछ वक्त के लिए तो फायदा पहुंचाएंगे लेकिन लंबे समय तक के लिए नुकसान दायक साबित होंगे. अगर फिर भी आपको नींद नहीं आ रही है तो डॉक्टर को दिखाएं. Guru Gyani के ब्लॉग पढ़ने के लिए यंहा क्लिक करें.